पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सेहत और परिवार से बातचीत की सुविधा उपलब्ध करने को लेकर अहम आदेश जारी किया है. कोर्ट ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि 16 फरवरी तक किसी योग्य नेत्र विशेषज्ञ (आई स्पेशलिस्ट) से इमरान खान की आंखों की जांच कराई जाए. साथ ही कोर्ट ने इमरान के परिवार से इमरान की फोन पर बातचीत कराने का निर्देश दिया है.
इमरान खान की ओर से दायर की गई मानवीय आधार वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इमरान खान की सेहत को प्राथमिकता देते हुए उनकी आंखों की समस्या पर ध्यान दिया. जेल प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि आंखों की जांच में कोई देरी नहीं होनी चाहिए और इसके लिए 16 फरवरी की समयसीमा तय की गई है. विशेषज्ञ डॉक्टर इमरान की आंखों की स्थिति की समीक्षा करेंगे और जरूरत पड़ने पर उचित इलाज की सलाह देंगे.
परिवार से फोन पर बातचीत की मंजूरी
अदालत ने केवल स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि इमरान खान के मानवीय अधिकारों का भी सम्मान किया है. कोर्ट ने अधिकारियों को आदेश दिया है कि इमरान खान को उनके बच्चों से फोन पर बात करने की अनुमति और सुविधा दी जाए. लंबे वक्त से अपने परिवार और बच्चों से दूर जेल में बंद इमरान के लिए ये एक बड़ी भावनात्मक राहत है.
सुप्रीम कोर्ट के इस रुख से इमरान खान के कानूनी और मानवीय अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की कोशिश की गई है.
2023 से जेल में बंद हैं इमरान
आपको बता दें कि पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान को 2023 में गिरफ्तार किया गया था और तब से वह विभिन्न मामलों में जेल में बंद हैं. इनमें तोषाखाना केस, साइफर केस और अन्य राजनीतिक मामले शामिल हैं. उनकी पत्नी बुशरा बीबी भी जेल में बंद हैं. PTI का दावा है कि इमरान खान की सेहत बिगड़ रही है और उन्हें वक्ता पर मेडिकल जांच की जरूरत है.