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अली खामेनेई की मौत से पाकिस्तान में उबाल, भीड़ ने अमेरिकी दूतावास के बाद UN बिल्डिंग में लगाई आग

पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान के स्कर्दू में आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान के समर्थन में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए. प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका विरोधी नारे लगाए और संयुक्त राष्ट्र से जुड़े एक कार्यालय में आग लगा दी.

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ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद पाकिस्तान के कराची में प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी दूतावास पर धावा बोला. (Photo: AP)
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद पाकिस्तान के कराची में प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी दूतावास पर धावा बोला. (Photo: AP)

पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र के स्कर्दू शहर में सैकड़ों प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरे और आयतुल्लाह सैयद अली खामेनेई की मौत पर ईरान के साथ एकजुटता जताई. प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका की आक्रामक नीतियों के विरोध में नारे लगाए. इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने स्कर्दू में संयुक्त राष्ट्र से जुड़े एक कार्यालय में आग लगा दी. बिगड़ते हालात को देखते हुए इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. यह शहर शिया बहुल है और अपने हिमालयी चोटियों के लिए प्रसिद्ध है और पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय है. 

स्थानीय सरकार के प्रवक्ता शब्बीर मीर ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया, 'गिलगित-बल्तिस्तान में संयुक्त राष्ट्र कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जमा हुए और उन्होंने इमारत को जला दिया.' उन्होंने कहा कि इस हिंसक विरोध प्रदर्शन में किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है. इससे पहले दिन में ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की इजरायली और अमेरिकी हमले में मौत के बाद पाकिस्तान के बंदरगाह शहर कराची में हिंसक विरोध प्रदर्शन हुआ. बता दें कि ईरान के बाद पाकिस्तान और इराक में सबसे बड़ी शिया मुस्लिम आबादी है.

प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी दूतावास पर धावा बोल दिया और दीवार फांदकर अंदर घुसने की कोशिश की. इस दौरान हुई गोलीबारी में कम से कम 12 प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई और 30 से अधिक घायल हो गए. इस्लामाबाद और लाहौर में भी अमेरिका विरोधी प्रदर्शन हुए. पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिकी दूतावास वाले राजनयिक परिसर के पास भी प्रदर्शन हुए. वीडियो फुटेज में प्रदर्शनकारियों को आयतुल्लाह अली खामेनेई की तस्वीरें लहराते और अमेरिका मुर्दाबाद के नारे लगाते देखा गया. 

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लाहौर में सैकड़ों प्रदर्शनकारी अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर जमा हुए, लेकिन यहां ​अमेरिका विरोधी प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और हिंसा की कोई खबर नहीं मिली. रॉयटर्स ने एक प्रत्यक्षदर्शी अकील रजा के हवाले से बताया, 'कुछ प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी वाणिज्य दूतावास से सैकड़ों गज दूर स्थित सुरक्षा द्वार को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की. हालांकि, पुलिस ने बिना बल प्रयोग किए उन्हें रोक दिया.' पाकिस्तान में पश्चिमी देशों के कूटनीतिक मिशनों ने बढ़ते तनाव के बीच अपनी सुरक्षा व्यवस्थाएं कड़ी कर दी हैं और देशभर में अपने कर्मचारियों की आवाजाही पर पाबंदियां लगा दी हैं. पाकिस्तान में काम करने वाली मल्टी नेशनल कंपनियां भी हालात की समीक्षा कर रही हैं. 

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