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इस्लामाबाद वार्ता की मेजबानी करने वाली PAK सरकार ने मुल्क से क्यों मांगी माफी?

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ इस्लामाबाद शांति वार्ता की असफल मेजबानी के बाद सऊदी अरब की यात्रा पर निकल गए हैं. इस बीच मुल्क में बिजली की काफी किल्लत है. स्थिति ऐसी हो गई है कि सरकार को जनता से माफी मांगने की नौबत आ पड़ी है.

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शहबाज शरीफ सऊदी अरब से बात करने के लिए जेद्दा की यात्रा पर रवाना हो गए हैं.
शहबाज शरीफ सऊदी अरब से बात करने के लिए जेद्दा की यात्रा पर रवाना हो गए हैं.

पाकिस्तान में बिजली की भारी कटौती चल रही है. सरकार ने आधिकारिक रूप से 2.25 घंटे की बिजली कटौती का ऐलान कर रखा है. बिजली की कमी से परेशान पाकिस्तानी नागरिक इस दृश्य को देखकर हैरान हैं. एक तरफ देश में घंटों बिजली गुल, दूसरी तरफ प्रधानमंत्री मध्य पूर्व की शांति का दूत बनकर उड़ान भर रहे हैं. ईरान-अमेरिका तनाव और हालिया युद्ध में पाकिस्तान ने खुद को ‘पीस मेकर’ के रूप में पेश किया है. अब पाकिस्तान के पीएम 3 दिनों की विदेश यात्रा पर जा रहे हैं.

पाकिस्तान सरकार ने मुल्क में लगातार बिजली कटौती के लिए जनता से माफी मांगी है. पाकिस्तान सरकार के ऊर्जा मंत्रालय ने मंगलवार को एक बयान जारी कहा था कि बिजली प्रोडक्शन में कमी की वजह से पूरे देश में 2.25 घंटे की बिजली कटौती होगी. सरकार ने इसके लिए 5 बजे शाम से 1 बजे रात तक का समय तक किया था. सरकार ने कहा था कि इस कदम का मकसद महंगे ईंधनों के इस्तेमाल को कम करना और बिजली की दरों में भारी बढ़ोतरी को रोकना है.

लेकिन पाकिस्तान में बिजली की असली कटौती और भी ज्यादा है. बुधवार को सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं से किए गए वादे से ज्यादा लोड शेडिंग के लिए माफी मांगी. 

ऊर्जा विभाग ने एक बयान में कहा, "हाइड्रो पावर की उपलब्धता में कमी के कारण अतिरिक्त लोड शेडिंग की जा रही है, इस अतिरिक्त लोड शेडिंग के लिए सरकार माफी मांगती है."

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बिजली विभाग के एक प्रवक्ता ने उपभोक्ताओं से बिजली बचाने का भी आग्रह किया खासकर रात के समय. 

इस बीच ईरान वॉर की मध्यस्थता कर रहे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ सऊदी अरब से मिल रहे कर्जे की अगली किस्त को फाइनल करने के लिए बुधवार को सऊदी अरब की यात्रा पर जा रहे हैं. सऊदी अरब ने बुधवार को ही पाकिस्तान के लिए 3 अरब डॉलर की कर्जे की घोषणा की है. 
सऊदी ने पाकिस्तान में जमा 5 अरब डॉलर की रकम का रोलओवर भी बढ़ा दिया है, यानी सऊदी ये रकम अभी वापस नहीं लेगा. 

शहबाज शरीफ तुर्की और कतर की यात्रा पर भी जाएंगे. उनकी यात्रा 18 अप्रैल तक चलेगी. 

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार PM शहबाज सऊदी अरब के शीर्ष नेतृत्व के साथ बैठक करेंगे, जिसमें क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान भी शामिल हैं. 

अपने बयान में विदेश मंत्रालय ने कहा कि सऊदी अरब और कतर की ये यात्राएं द्विपक्षीय यात्राएं हैं. इसमें आगे कहा गया कि प्रधानमंत्री वहां के नेतृत्व से चल रहे द्विपक्षीय सहयोग के साथ-साथ क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा पर चर्चा करने के लिए मिलेंगे.

हाल ही में पाकिस्तान ने सऊदी अरब के साथ द्विपक्षीय रक्षा समझौते के तहत अपनी जंगी जहाजों को सऊदी अरब भेजा था. 

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इससे पहले पिछले महीने 9 मार्च को शहबाज शरीफ ने सऊदी अरब के साथ मीटिंग की थी.  

दरअसल घरेलू स्तर पर पाकिस्तान की माली हालत काफी खराब है. लोड शेडिंग, महंगाई और बेरोजगारी से जूझ रहे पाकिस्तान के लिए पीएम की यह यात्रा सिर्फ डिप्लोमेसी नहीं, बल्कि आर्थिक सांस लेने का जरिया भी है. 

पाकिस्तान के हुक्मरान घरेलू स्तर पर जनता को संदेश दे रहा है कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान की इज्जत प्रतिष्ठा में बढ़ोतरी हुई है, ऐसा कहकर शहबाज और पीएमएल एन के नेता जनता के गुस्से को शांत करने की कोशिश कर रहे हैं. 

लेकिन जब शहबाज की सरकार लोड शेडिंग के लिए जनता से माफी मांगती है और फिर प्राइवेट जेट से विदेश रवाना हो जाते हैं तो जनता का गुस्सा स्वाभाविक है. ईरान संकट में पाकिस्तान की भूमिका निश्चित रूप से महत्वपूर्ण रही, लेकिन यह भूमिका जितनी चमकदार दिखाई जा रही है, उतनी  नहीं है.

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