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ट्रंप का दौरा, पीसमेकर का तमगा और नोबेल... क्या-क्या सपने नहीं सजा रहा था पाकिस्तान

पाकिस्तान इन दिनों अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को खुश करने की हर संभव कोशिश में जुटा है. हाल ही में भारत-पाक तनाव कम करने के नाम पर पाकिस्तान ने ट्रंप को 2025 के नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित किया था. इस्लामाबाद को उम्मीद है कि वह इस बहाने खुद को एक 'पीसमेकर' के तौर पर स्थापित कर पाएगा.

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ईरान ने शांति वार्ता की खबरों को किया खारिज. (File photo: ITG)
ईरान ने शांति वार्ता की खबरों को किया खारिज. (File photo: ITG)

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच पाकिस्तान खुद को वैश्विक पीसमेकर के रूप में पेश करने में जुटा हुआ है. पाकिस्तानी नेतृत्व और मीडिया में ट्रंप के संभावित पाकिस्तान दौरे, नोबेल शांति पुरस्कार और अंतरराष्ट्रीय मान्यता के सपने बड़े जोर-शोर से सजाए जा रहे हैं, लेकिन ईरान विदेश मंत्री ने इस्लामाबाद शांति वार्ता में शामिल होने से इनकार कर दिया है. जिसके पाकिस्तान के सारे सपने एक झटके में चकनाचूर हो गए हैं.

दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में पाकिस्तान की तारीफों के पुल बांधे थे. उन्होंने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर को दो शानदार व्यक्ति और मुनीर को एक असाधारण व्यक्ति, फील्ड मार्शल कहा था.

ट्रंप ने खासतौर पर मुनीर को अपना पंसदीदा फील्ड मार्शल बताया था. ट्रंप ने कहा कि पाकिस्तान की मध्यस्थता से अमेरिका-ईरान के बीच सीजफायर हुआ और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुला. उन्होंने यहां तक संकेत दिया कि अगर अंतिम समझौता इस्लामाबाद में होता है तो वो खुद पाकिस्तान आ सकते हैं.

फूले नहीं समा रहा पाकिस्तान

ट्रंप की तारीफों के बाद शहबाज और मुनीर फूले नहीं समा रहे थे और ट्रंप के पाकिस्तान दौरे, आतंकवाद की छवि से छुटकारा, भीख नुमा फंड और नोबेल प्राइज को सपने संजो रहा था. पर ईरान ने इस्लामाबाद शांति वार्ता को सिरे से खारिज कर दिया है.

ईरानी सरकारी न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के इस्लामाबाद में दूसरे दौर की शांति वार्ता शामिल होने की खबरें गलत हैं. ईरानी प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद नहीं जा रहा है, क्योंकि अमेरिका की तेहरान की शर्तें मानने के लिए तैयार नहीं और वह लगातार अपना रुख बदल रहा है. एजेंसी ने दावा किया कि अमेरिका ने सीजफायर का भी उल्लंघन किया है.

पाकिस्तान में उत्साह का माहौल

विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तान के ये सपने 2025 के भारत-पाकिस्तान संकट और हालिया अमेरिका-ईरान तनाव पर टिके थे. इसके अलावा पाकिस्तान ने पिछले साल डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल के लिए नॉमिनेट कर और इस्लामाबाद में वार्ता होस्ट करके अपनी उपयोगिता साबित करने की कोशिश की है.

इन पूरे घटनाक्रमों के बावजूद भी फिलहाल पाकिस्तान में उत्साह का माहौल है. सरकारी मंत्री, मीडिया और सैन्य-राजनीतिक गठजोड़ ट्रंप के संभावित दौरे, नोबेल और 'पीसमेकर पाकिस्तान' की इमेज को लगातार बढ़ावा दे रहे हैं, लेकिन कूटनीति में सपने अक्सर तेजी से टूट भी जाते हैं.

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