पाकिस्तान की वायुसेना के अफगानिस्तान के सीमावर्ती क्षेत्रों में बड़ी एयरस्ट्राइक के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है. पाकिस्तान ने दावा किया है कि इस एयरस्ट्राइक में आतंकी संगठन 'तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान' (TTP) के कम से कम 80 आतंकवादी मारे गए हैं.
वहीं, अफगानिस्तान की सत्ता पर काबिज तालिबान सरकार ने इस हमले पर कड़ी नाराजगी जताई है. तालिबान सरकार ने पाकिस्तान को गंभीर नतीजे भुगतने के लिए चेताया है और साफ कर दिया है कि वो इसका बदला लेकर रहेगा.
पाकिस्तानी सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, 'कल रात पाकिस्तान की खुफिया जानकारी पर आधारित एयरस्ट्राइक में नांगरहार, पक्तिका और खोस्त प्रांतों में फितना अल-ख्वारिज TTP के सात केंद्रों को तबाह कर दिया गया, जिसमें 80 से ज्यादा लड़ाके मारे गए हैं. इसमें और भी लोगों के मारे जाने की आशंका है.'
तालिबान ने पाकिस्तान को दी चेतावनी
तालिबान की सरकार ने इन हमलों को अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताया है. तालिबान ने साफ शब्दों में कहा है कि इस हमले का जवाब दिया जाएगा और पाकिस्तान को इसकी भारी कीमत चुकानी होगी.
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अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने सीमावर्ती प्रांतों नांगरहार और पक्तिका में हुए हमलों की निंदा की है. मंत्रालय ने कहा, 'हम पाकिस्तानी सेना को नागरिकों और धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने के लिए जिम्मेदार मानते हैं. हम इन हमलों का करारा जवाब देंगे.'
पाकिस्तान और अफगानिस्तान में बढ़ता तनाव
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच झगड़े की सबसे बड़ी वजह टीटीपी नाम का एक आतंकी संगठन है. पाकिस्तान का कहना है कि जब से 2021 में अफगानिस्तान में तालिबान की सरकार बनी है, तब से पाकिस्तान में आतंकी हमले 70% तक बढ़ गए हैं. पाकिस्तान के मुताबिक, TTP के आतंकी अफगानिस्तान में छिपे हुए हैं और वहां की सरकार उन्हें सुरक्षा दे रही है.
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अफगानिस्तान की तालिबान सरकार इन आरोपों को खारिज करती आई है. उनका कहना है कि वो अपनी जमीन का इस्तेमाल किसी दूसरे देश के खिलाफ नहीं होने देते. उनका तर्क है कि पाकिस्तान की सुरक्षा में जो कमियां हैं, वो उनके अपने देश की अंदरूनी समस्या है, इससे अफगानिस्तान का कोई लेना-देना नहीं है.