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म्यांमार में भारत का ऑपरेशन ब्रह्मा, भूकंप पीड़ितों की मदद के लिए 10 सदस्यीय दल पहुंचा

म्यांमार में आए भूकंप की वजह से अब तक 1700 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. अभी भी युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य चलाया जा रहा है. भारत 'ऑपरेशन ब्रह्मा' के तहत राहत और बचाव के लिए जरूरी सहायता मुहैया करा रहा है. भारत की पहली 10 सदस्यीय टीम फील्ड अस्पताल स्थापित करने के लिए म्यांमार पहुंच गई है.

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भारतीय राहत और बचाव टीम म्यांमार के मांडले अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे (एक्स-ANI)
भारतीय राहत और बचाव टीम म्यांमार के मांडले अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे (एक्स-ANI)

म्यांमार में आए विनाशकारी भूकंप की वजह से अब तक 1700 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. भारत नेबरहुड फर्स्ट पॉलिसी के तहत म्यांमार में राहत और बचाव कार्य के लिए 'ऑपरेशन ब्रह्मा' चला रही है. भारतीय समय के अनुसार, रविवार शाम 4:30 के करीब भारत की पहली 10 सदस्यीय टीम राहत और बचाव के लिए म्यांमार के मांडले अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे पर पहुंची.

राहत अभियान की शुरुआत

भारत की पहली 10 सदस्यीय टीम म्यांमार में पहुंचकर फील्ड अस्पताल स्थापित करने के लिए साइट की पहचान कर रही है. वहीं, मुख्य राहत दल सड़क के रास्ते सोमवार सुबह पहुंचेगी. यह दल इमरजेंसी मेडिकल सेवाएं और सर्जरी जैसी सुविधाएं प्रदान करने के लिए फील्ड अस्पताल की स्थापना करेगा. 

भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने ऑपरेशन ब्रह्मा को लेकर ट्वीट किया है. जयशंकर ने बताया, 'ऑपरेशन ब्रह्मा जारी है. 30 टन आपदा राहत और चिकित्सा आपूर्ति के साथ यांगून (म्यांमार) के लिए भारतीय नौसेना के जहाज आईएनएस करमुक और एलसीयू 52 रवाना हो गए हैं. 

पीएम नरेंद्र मोदी ने किया म्यांमार भूकंप का जिक्र

 

नागपुर में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने म्यांमार में आए भूकंप का जिक्र किया. पीएम मोदी ने कहा, 'दुनिया में कहीं भी प्राकृतिक आपदा हो, भारत पूरे मनोयोग से सेवा के लिए खड़ा होता है. म्यांमार में इतना बड़ा भूकंप आया. भारत ऑपरेशन ब्रह्मा के साथ वहां के लोगों की मदद के लिए सबसे पहले पहुंच गया.

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जब तुर्किए में भूकंप आया, नेपाल में भूकंप आया और मालदीव में पानी का संकट आया, तब भारत ने मदद करने में एक घड़ी की भी देर नहीं लगाई. युद्ध जैसे हालातों में हम दूसरे देशों के नागरिकों को भी सुरक्षित निकालकर लाते हैं. दुनिया देख रही है भारत आज जब प्रगति कर रहा है, तो पूरे ग्लोबल साउथ की आवाज भी बन रहा है. विश्व बंधुत्व' की यह भावना हमारे संस्कारों का ही विस्तार है.'

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