ईरान की जेल में बंद नोबेल शांति पुरस्कार विजेता नरगिस मोहम्मदी की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. उनकी हालत फिलहाल स्थिर नहीं बताई जा रही है. उन्हें 'कार्डियक क्राइसिस' यानी दिल से जुड़ी गंभीर स्थिति के बाद अस्पताल ले जाया गया. जेल के डॉक्टरों ने जब कहा कि उनका इलाज वहां संभव नहीं है, तब उन्हें बाहर शिफ्ट किया गया.
रॉयटर्स के मुताबिक, उनकी तबीयत में यह गिरावट अचानक और गंभीर तरीके से आई. फिलहाल, उन्हें ईरान के जांजान शहर के अस्पताल में भर्ती किया गया है. परिवार के अनुसार, अस्पताल ले जाने से पहले वह दो बार बेहोश हो गई थीं. इसके बाद उन्हें मेडिकल यूनिट में रखा गया और फिर ऑक्सीजन सपोर्ट पर अस्पताल भेजा गया. डॉक्टरों का कहना है कि बेहतर इलाज के लिए उन्हें तेहरान के बड़े अस्पताल में भेजना जरूरी हो सकता है.
महिलाओं के अधिकारों की लड़ाई और जेल की सजा
नरगिस मोहम्मदी को साल 2023 में नोबेल शांति पुरस्कार मिला था. उन्हें यह सम्मान ईरान में महिलाओं के अधिकारों और फांसी की सजा के खिलाफ उनके लंबे अभियान के लिए दिया गया था. लेकिन जब उन्हें यह पुरस्कार मिला, तब भी वह जेल में ही थीं. फिलहाल वह साढ़े सात साल की नई सजा काट रही हैं.
पिछले कुछ दिनों से उनकी तबीयत लगातार खराब चल रही थी. उन्हें हाई ब्लड प्रेशर, उल्टी और बेहोशी जैसी समस्याएं हो रही थीं. उनकी पहले भी तीन बार एंजियोप्लास्टी हो चुकी है, जिससे साफ है कि उनकी हार्ट कंडीशन पहले से कमजोर है. इसी वजह से उनकी हालत को लेकर चिंता जताई जा रही है.
अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी रिहाई की मांग भी तेज हो गई है. मानवाधिकार संगठनों और नोबेल कमेटी ने ईरान से अपील की है कि उनके सभी मामले खत्म कर उन्हें इलाज के लिए रिहा किया जाए. फिलहाल सबकी नजर उनके इलाज और स्वास्थ्य अपडेट पर बनी हुई है.