मिडिल ईस्ट में जंग आज 15वें दिन में दाखिल हो चुकी है. युद्ध के थमने के आसार फिलहाल दूर-दूर तक नजर नहीं आ रहे हैं. बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका अब पश्चिम एशिया में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका यूएसएस त्रिपोली के नेतृत्व वाले एम्फीबियस रेडी ग्रुप (ARG) और करीब 2,500 मरीन सैनिकों को पश्चिम एशिया भेज रहा है.
इस समय पश्चिम एशिया में 50,000 से ज्यादा अमेरिकी सैनिक पहले से ही तैनात हैं और ऑपरेशन चला रहे हैं. वहीं, इस बीच अमेरिका और अधिक सैनिकों को भेज रहा है. यह कदम स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास ईरान से जुड़े हालिया हमलों के बाद बढ़े तनाव के बीच उठाया गया है.
पेंटागन यूएसएस त्रिपोली ARG के साथ 31वें मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट (MEU) को भी तैनात कर रहा है. यह यूनिट स्ट्राइक ग्रुप का अहम हिस्सा बनेगी.
यूएसएस त्रिपोली अमेरिकी नौसेना के सबसे बड़े एम्फीबियस असॉल्ट जहाजों में से एक है. यह आकार में लगभग एक एयरक्राफ्ट कैरियर जितना बड़ा है.
बता दें, यह जहाज दर्जनों हेलीकॉप्टर, एमवी-22 ऑस्प्रे विमान और एफ-35बी जॉइंट स्ट्राइक फाइटर लड़ाकू जेट्स को ले जाने की क्षमता रखता है. इसके अलावा इसमें 1,700 से अधिक मरीन सैनिक और उनका सैन्य उपकरण भी तैनात किया जा सकता है.
यह भी पढ़ें: इजरायली बमबारी से कांपा लेबनान, पेड़-पौधे-मकान सब तबाह... देखें Ground Report
यह जहाज फिलहाल जापान में तैनात है और अनुमान है कि यह एक से दो हफ्तों के भीतर पश्चिम एशिया में अमेरिकी सेंट्रल कमांड (USCENTCOM) के एरिया ऑफ रिस्पॉन्सिबिलिटी (AOR) में पहुंच जाएगा.
ये मरीन सैनिक उस बड़े अमेरिकी सैन्य बल में शामिल होंगे, जो पहले से ही इस क्षेत्र में मौजूद है. इस समय पश्चिम एशिया में 50,000 से ज्यादा अमेरिकी सैनिक तैनात हैं और ऑपरेशन चला रहे हैं.
यह तैनाती ऐसे समय में हो रही है, जब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और उसके आसपास तनाव लगातार बढ़ रहा है. ईरान की ओर से इस जलमार्ग के पास हाल में किए गए हमलों की वजह से दुनिया के सबसे अहम ऊर्जा मार्गों में से एक पर समुद्री यातायात प्रभावित हुआ है.
नॉर्थ कोरिया ने भी दागी मिसाइल
अमेरिका-इजरायल और ईरान जंग के बीच अब नॉर्थ कोरिया भी युद्ध जैसी गतिविधियों में सक्रिय दिख रहा है. नॉर्थ कोरिया ने अपने पूर्वी तट से समुद्र की ओर एक मिसाइल दागी है. साउथ कोरियाई सेना और जापान सरकार ने इस मिसाइल परीक्षण की पुष्टि की है.