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'काम की तलाश में आए, अब बंकर ढूंढने को मजबूर...', खाड़ी देशों में फंसे भारतीय लगा रहे मदद की गुहार

अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद ईरान की ओर से मिसाइलों और ड्रोन हमलों ने पूरे मध्य पूर्व को तनाव और संघर्ष के दौर में धकेल दिया है. कई देशों ने अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है, जिसके चलते मजदूरों, छात्रों और पर्यटकों सहित लाखों भारतीय अलग-अलग देशों में फंसे हुए हैं. भारतीय नागरिकों की ओर से लगातार मदद की अपील की जा रही है.

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दुबई, संयुक्त अरब अमीरात में स्थित जेबेल अली बंदरगाह की एक उपग्रह छवि, जिसमें एक बंदरगाह के एक बर्थ में मिसाइल के मलबे के कारण आग लग गई थी (Image: Reuters)
दुबई, संयुक्त अरब अमीरात में स्थित जेबेल अली बंदरगाह की एक उपग्रह छवि, जिसमें एक बंदरगाह के एक बर्थ में मिसाइल के मलबे के कारण आग लग गई थी (Image: Reuters)

ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के कारण मध्य पूर्व के कई देशों में हालात बिगड़ गए हैं. हवाई क्षेत्र बंद हैं, उड़ानें रद्द हो रही हैं और कई जगह सायरन बज रहे हैं. ऐसे में खाड़ी देशों और ईरान में रह रहे लाखों भारतीय फंस गए हैं. लोग अब बंकरों में शरण लेने को मजबूर हैं और भारत सरकार से सुरक्षित वापसी की मांग कर रहे हैं.

खाड़ी देशों में फंसे भारतीयों का दर्द

सोशल मीडिया पर फंसे भारतीयों की अपील लगातार सामने आ रही है. दुबई में काम करने वाले एक मजदूर ने वीडियो शेयर करते हुए कहा, 'मैं यहां रोजी-रोटी कमाने आया था, लेकिन अब जान बचाने के लिए बंकर ढूंढ रहा हूं. मोदी जी, हमें यहां से सही-सलामत निकाल लीजिए.'

सिर्फ मजदूर ही नहीं, दुबई और अबू धाबी में घूमने गए पर्यटक और मेडिकल की पढ़ाई कर रहे छात्र भी वहां फंसे हुए हैं. इन देशों में करीब 90 लाख भारतीय रहते हैं, जिनमें बड़ी संख्या मजदूरों की है.

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मिसाइलों की बारिश के बीच बंकरों की तलाश

दुबई जैसे बड़े शहरों से लेकर बहरीन, इराक, कुवैत और सऊदी अरब तक कई इलाकों में खतरे के सायरन बज रहे हैं. ईरान की राजधानी तेहरान में पढ़ रहे भारतीय छात्रों ने भी वीडियो जारी कर मदद की गुहार लगाई है. एक छात्रा ने कहा, 'यहां हालात बेहद खराब हैं. हमें नहीं पता अगले पल क्या होगा. हम चाहते हैं कि भारत सरकार हमें जल्द से जल्द यहां से निकाल ले.' ईरान में करीब 2,000 कश्मीरी छात्र मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं. उनके परिवार भारत में चिंतित हैं और सरकार से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं.

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पुणे के 84 छात्र भी दुबई में फंसे

पुणे के एक मैनेजमेंट कॉलेज के करीब 90 लोग, जिनमें 84 छात्र शामिल हैं, स्टडी टूर पर दुबई गए थे. उन्हें इसी हफ्ते वापस आना था, लेकिन आसमान में छिड़ी जंग और हवाई रास्ते बंद होने की वजह से उनकी फ्लाइट कैंसिल हो गई. फिलहाल इन सभी को एक होटल में ठहराया गया है और वे पूरी तरह सुरक्षित हैं, लेकिन अभी यह साफ नहीं है कि वे वतन कब लौट पाएंगे

सरकार ने क्या तैयारी की है?

भारत सरकार स्थिति पर पूरी नजर रखे हुए है. नागरिक उड्डयन मंत्रालय और विदेश मंत्रालय मिलकर काम कर रहे हैं. एयर इंडिया और इंडिगो जैसी एयरलाइनों ने फिलहाल वहां के लिए अपनी उड़ानें रोक दी हैं. विदेश मंत्रालय ने साफ कहा है कि वे अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर बहुत चिंतित हैं और लगातार वहां के दूतावासों के संपर्क में हैं. हालांकि, युद्ध की वजह से फिलहाल तुरंत बाहर निकालना मुश्किल हो रहा है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.

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मदद के लिए जारी हुए इमरजेंसी नंबर

अगर आपका कोई अपना वहां फंसा है, तो विदेश मंत्रालय ने ये हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं.

  • रामल्लाह (फिलिस्तीन): फ़ोन: +970592916418; ईमेल: repoffice@mea.gov.in / cons.ramallah@mea.gov.in
  • दोहा (कतर): फोन: 00974-55647502; ईमेल: cons.doha@mea.gov.in
  • रियाद (सऊदी अरब): फ़ोन: 00-966-11-4884697; व्हाट्सएप: 00-966-542126748; टोल फ्री: 800 247 1234; ईमेल: cw.riyadh@mea.gov.in
  • तेल अवीव (इज़राइल): फ़ोन: +972-54-7520711 / +972-54-2428378; ईमेल: cons1.telaviv@mea.gov.in
  • -तेहरान (ईरान): फ़ोन: +989128109115 / +989128109109 / +989128109102 / +989932179359
  • अबू धाबी (यूएई): टोल फ्री नंबर: 800-46342; व्हाट्सएप: +971543090571; ईमेल: pbsk.dubai@mea.gov.in / ca.abudhabi@mea.gov.in
  • कुवैत: फ़ोन: +96565501946; ईमेल: community.kuwait@mea.gov.in
  • बहरीन : फ़ोन: 00973-39418071
  • मस्कट (ओमान): टोल फ्री नंबर: 80071234; व्हाट्सएप: +96898282270; ईमेल: cw.muscat@mea.gov.in / cons.muscat@mea.gov.in
  • जॉर्डन: फ़ोन: 00962-770 422 276
  • बगदाद (इराक): फ़ोन: +964 771 651 1185 / +964 770444 4899
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