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FBI डायरेक्टर काश पटेल ने मैगजीन पर किया मानहानि मुकदमा, रिपोर्ट में लगे थे शराब से जुड़े आरोप

FBI डायरेक्टर काश पटेल ने The Atlantic और उसकी रिपोर्टर 250 मिलियन डॉलर का मुकदमा दायर किया है. मैगज़ीन अपनी रिपोर्टिंग पर कायम है, जबकि काश पटेल ने इसे झठा बताया है.

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मैगजीन की रिपोर्ट में काश पटले पर शराब और गैरहाजिरी के आरोप लगाए गए हैं. (Photo: AP)
मैगजीन की रिपोर्ट में काश पटले पर शराब और गैरहाजिरी के आरोप लगाए गए हैं. (Photo: AP)

यूएस की इंटेलिजेंस एजेंसी FBI के डायरेक्टर काश पटेल ने शुक्रवार को एक आर्टिकल छपने के बाद 'The Atlantic' मैगज़ीन और इसकी रिपोर्टर सारा फिट्ज़पैट्रिक (Sarah Fitzpatrick) के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया है. संबंधित आर्टिकल में आरोप लगाया गया था कि डायरेक्टर को शराब पीने की लत है, जिससे नेशनल सिक्योरिटी को खतरा हो सकता है.

मैगज़ीन की इस स्टोरी का शुरुआती टाइटल था- “Kash Patel's Erratic Behaviour Could Cost Him His Job" यानी काश पटेल का अनियमित व्यवहार उनकी नौकरी पर बुरा असर डाल सकता है. आर्टिकल में दो दर्जन से ज़्यादा ऐसे अनजान सूत्रों का हवाला दिया गया था, जिन्होंने काश पटेल के 'साफ़ तौर पर नशे में होने और बिना किसी वजह के गैर-हाज़िर रहने' पर चिंता जताई थी. 

सूत्रों के मुताबिक, इन बातों से FBI और न्याय विभाग के अधिकारी भी चिंतित हो गए थे.

आरोपों पर क्या बोले काश पटेल?

मैगजीन ने बाद में इस आर्टिकल के टाइटल को ऑनलाइन वर्जन में बदलकर “The FBI Director Is MIA” कर दिया. यह बताया गया कि पटेल के कार्यकाल के दौरान, FBI को शुरुआती बैठकें फिर से तय करनी पड़ीं, क्योंकि वे रात में शराब पीते थे और अक्सर बाहर रहते थे या उनसे संपर्क नहीं हो पाता था, जिससे जांच को आगे बढ़ाने के लिए ज़रूरी और डेडलाइन से बंधे फ़ैसलों में देरी होती थी.”

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अटलांटिक की रिपोर्ट में किए गए दावों पर व्हाइट हाउस, न्याय विभाग और काश पटेल ने बयान जारी किया और सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया. इस आर्टिकल में FBI की तरफ से एक बयान भी शामिल था, जिसमें काश पटले का हवाला दिया गया था- “इसे छाप दो, सब झूठ है, मैं तुमसे कोर्ट में मिलूंगा, अपनी चेकबुक साथ लाना.”

काश पटेल ने रॉयटर्स को दिए गए इंटरव्यू में कहा, “अटलांटिक की यह रिपोर्ट झूठ है. इसे पब्लिश करने से पहले उन्हें सच बताया गया था, लेकिन फिर भी उन्होंने झूठ छापना ही चुना.”

यह भी पढ़ें: ईरान समर्थित हैकर ग्रुप ने कैसे हैक किया FBI डायरेक्टर काश पटेल का अकाउंट? Inside Story

मैगजीन ने क्या कहा?

अटलांटिक के एडिटर-इन-चीफ़ जेफ़री गोल्डबर्ग ने CNBC को दिए एक बयान में कहा, “हम काश पटेल पर अपनी रिपोर्टिंग पर कायम हैं.” यह बयान उन्होंने तब दिया, जब रविवार को फ़ॉक्स न्यूज़ पर एक कार्यक्रम में काश पटेल ने इस पब्लिकेशन पर मुक़दमा करने की धमकी दी थी.

काश पटेल की शिकायत में कहा गया है कि अटलांटिक FBI के नेतृत्व की आलोचना करने के लिए आजाद है, लेकिन 'उन्होंने क़ानूनी सीमा पार कर दी', जब उन्होंने एक ऐसा आर्टिकल पब्लिश किया, जो 'झूठे और साफ़ तौर पर मनगढ़ंत आरोपों से भरा था. इसका मक़सद डायरेक्टर पटेल की प्रतिष्ठा को खत्म करना और उन्हें उनके पद से हटाना था.”

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कोलंबिया ज़िले के लिए U.S. डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में दायर इस मुक़दमे में 250 मिलियन डॉलर के हर्जाने की मांग की गई है. मुक़दमे में आरोप लगाया गया है कि अटलांटिक मैगजीन ने FBI द्वारा किए गए खंडन को नज़रअंदाज़ कर दिया और पटेल के वकील जेसी बिन्नल द्वारा शुक्रवार को सीनियर एडिटर्स और अटलांटिक के क़ानूनी विभाग को लिखे गए एक पत्र का जवाब नहीं दिया. इस पत्र में वकील ने उन 19 आरोपों का खंडन करने के लिए और वक्त मांगा था, जिनके बारे में रिपोर्टर ने FBI के प्रेस कार्यालय को बताया था कि रिपोर्ट पब्लिश होने वाली है.

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