इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच हाल ही में लागू हुए 10 दिवसीय सीजफायर के बावजूद सीमा पर तनाव बढ़ गया है. इजरायली सेना ने दक्षिण लेबनान में हिज्बुल्लाह द्वारा रॉकेट हमले का आरोप लगाया है, जबकि उत्तरी इजरायल में एक ड्रोन को मार गिराया गया. इसके साथ ही उत्तरी इजरायल में सायरन की आवाजें सुनाई दीं.
आईडीएफ ने कहा कि मंगलवार को हिज्बुल्लाह ने दक्षिणी लेबनान में उस इलाके में रॉकेट दागे, जहां इजरायली सेना तैनात है. आईडीएफ ने कहा कि ये सीजफायर का उल्लंघन है.
इजरायली सेना (आईडीएफ) ने कहा कि हिज्बुल्लाह ने इजरायली सैनिकों की ओर कई रॉकेट दागे, जो इजरायल नियंत्रित सुरक्षा क्षेत्र में रब अल-थलाथीन (Rab al-Thalathine) इलाके में तैनात थे.
सेना ने बयान में कहा, 'हिज्बुल्लाह ने सीजफायर का उल्लंघन करते हुए इजरायली सैनिकों पर कई रॉकेट दागे. ये समझौते का गंभीर उल्लंघन है.'
इजरायली सेना के अनुसार, उसने हमले में इस्तेमाल किए गए लॉन्चर पर हमला करके कुछ ही मिनटों में जवाबी कार्रवाई की.
इसके अलावा इजरायली सेना ने एक अलग हवाई खतरे की सूचना दी, जिसमें कहा गया कि लेबनान से लॉन्च किए गए एक ड्रोन को रोके जाने के कारण उत्तरी इजरायली समुदायों में सायरन बजने लगे.
सेना ने बताया कि ड्रोन को इजरायली क्षेत्र में एंट्री करने से पहले ही मार गिराया गया था.इससे पहले सायरन बजने को गलत अलार्म बताया गया था.
वहीं, इजरायल के दावों पर हिज्बुल्लाह ने तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की है. ये घटना एक संवेदनशील समय पर घटी है, जब दोनों पक्ष इस सप्ताह के अंत में युद्धविराम को स्थिर करने के उद्देश्य से वार्ता के दूसरे दौर में शामिल होने वाले हैं.
बता दें कि पिछले गुरुवार से लागू हुए 10 दिवसीय युद्धविराम के बावजूद सीमा पर शांति बहाल नहीं हो पाई है. इजरायली सेना वर्तमान में लेबनान के अंदर 5 से 10 किलोमीटर गहरे क्षेत्र में तैनात है.
इजरायल का कहना है कि ये तैनाती उसके उत्तरी समुदायों की सुरक्षा के लिए एक 'बफर जोन' बनाने के उद्देश्य से की गई है. इस सैन्य रेखा को इजरायली अधिकारियों ने अपनी सैन्य फाइलों में 'फॉरवर्ड डिफेंस लाइन' के रूप में दर्ज किया है.
उधर, सीजफायर के दौरान भी इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान में नागरिक इलाकों में छिपे हिज्बुल्लाह के बुनियादी ढांचे को नष्ट करना जारी रखा है. लेबनान की सरकारी समाचार एजेंसी ने मंगलवार को कम से कम आठ गांवों में इजरायली धमाकों और गोलाबारी की सूचना दी है. लेबनान के संसद अध्यक्ष नबीह बेरी ने चेतावनी दी है कि यदि इजरायल ने अपना कब्जा बरकरार रखा तो उसे हर दिन कड़े प्रतिरोध का सामना करना पड़ेगा.
इस बीच गुरुवार को अमेरिका की मेजबानी में इजरायल और लेबनान के बीच राजदूत स्तर की वार्ता होनी तय है. लेबनान इस संघर्ष में मार्च में तब गहराई से खिंच गया था, जब हिज्बुल्लाह ने ईरान के समर्थन में गोलीबारी शुरू की थी. दूसरी ओर यमन के हूती नेता अब्दुल मलिक अल-हूती ने युद्धविराम को महज एक अस्थायी विराम बताते हुए भविष्य में और अधिक लड़ाई होने की संभावना जताई है.