ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम करने की कोशिशें तेज हो गई हैं. बातचीत आगे बढ़ाने के प्रयास जारी हैं. तेहरान में इस समय कूटनीतिक हलचल बढ़ी हुई है. इसी बीच पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ईरान दौरे पर हैं. उन्होंने शनिवार को ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से मुलाकात की. इस दौरान मुनीर ने ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ से भी बैठक की, जहां क्षेत्रीय हालात और कूटनीतिक पहल को आगे बढ़ाने को लेकर उच्चस्तरीय बातचीत हुई. यह बैठक ऐसे समय में हुई है, जब क्षेत्र में तनाव कम करने और बातचीत को आगे बढ़ाने की कोशिशें जारी हैं. इस पूरे मामले में पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा है. इस अहम मुलाकात के बाद तेहरान पर दुनिया की नजरें और ज्यादा टिक गई हैं.
आसिम मुनीर की यह यात्रा ऐसे वक्त में हुई है, जब अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत को लेकर कोशिशें तेज हैं. हालांकि, ईरान ने साफ कहा है कि अभी किसी जल्दी समझौते की उम्मीद नहीं करनी चाहिए. ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के मुताबिक, तेहरान और वॉशिंगटन के बीच कई अहम मुद्दों पर अब भी गहरे मतभेद बने हुए हैं.
अलजजीरा के मुताबिक, ईरान का कहना है कि सिर्फ सकारात्मक माहौल बनने से समझौता नहीं हो जाएगा. इसके लिए जमीन पर हालात बदलने जरूरी हैं. ईरानी अधिकारियों ने यह भी कहा है कि आगे की बातचीत के लिए सभी मोर्चों पर तनाव कम होना जरूरी है. यही वजह है कि तेहरान में हो रही हर अहम बैठक पर दुनिया की नजर बनी हुई है.
तेल, होर्मुज और ट्रंप पर बढ़ता दबाव
दूसरी तरफ, अमेरिका ने भी माना है कि बातचीत में कुछ प्रगति हुई है, लेकिन ईरान के परमाणु कार्यक्रम और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर अब भी मतभेद बने हुए हैं. यह दुनिया का बेहद अहम समुद्री रास्ता है, जहां से तेल के बड़े जहाज गुजरते हैं. इस इलाके में बढ़ता तनाव दुनियाभर की तेल सप्लाई पर असर डाल सकता है.
जानकारों का कहना है कि तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और घरेलू दबाव की वजह से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर भी हालात संभालने का दबाव बढ़ रहा है. वहीं, कतर और पाकिस्तान जैसे देश बातचीत को आगे बढ़ाने में भूमिका निभा रहे हैं.
लेबनान और गाजा में तनाव बरकरार
उधर, लेबनान और गाजा में हिंसा जारी है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, दक्षिणी लेबनान में इजरायली हमलों में कई लोगों की मौत हुई है, जिनमें स्वास्थ्यकर्मी भी शामिल बताए जा रहे हैं. वहीं, गाजा को लेकर हमास ने इजरायल पर गंभीर आरोप लगाए हैं. इसके अलावा, गाजा सहायता मिशन से जुड़े कुछ कार्यकर्ताओं ने इजरायली बलों पर यौन हिंसा समेत गंभीर आरोप लगाए हैं. इन आरोपों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई बहस छेड़ दी है. अब नजर इस बात पर है कि तेहरान में हुई यह मुलाकात क्षेत्र में तनाव कम करने में कितनी भूमिका निभाती है.