ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत की खबर सामने आने के बाद पूरे देश में हलचल मच गई. बताया जा रहा है कि तेहरान में उनके दफ्तर पर किए गए हमले में उनकी जान गई. जैसे ही यह खबर फैली, कई शहरों में लोगों की भीड़ सड़कों पर उतर आई.
राजधानी तेहरान के पास करज में लोगों ने गाड़ियां निकालकर हॉर्न बजाए और खुशी मनाई. तेहरान के कई इलाकों में लोग अपने घरों की बालकनी से तेज संगीत बजाते और पटाखे छोड़ते नजर आए. फुलादशहर में बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए और हाथ उठाकर नारे लगाए. बोराजजान और ममासानी में लोगों ने झंडे लहराए और नाचते हुए जश्न मनाया. शिराज और आबादान में देर रात तक लोग सड़कों पर रहे.
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कई लोग इसे लंबे समय बाद बदलाव की शुरुआत मान रहे हैं. उनका कहना है कि करीब पांच दशक से चल रहे शासन के बाद अब देश एक नए दौर में प्रवेश कर सकता है. हालांकि, सभी लोग इस घटनाक्रम से खुश नहीं हैं. देश के कुछ हिस्सों में डर और अनिश्चितता का माहौल भी है.
अली खामेनेई की मौत पर विरोधियों का जश्न
विदेशों में रह रहे ईरानियों ने भी अलग-अलग तरह से प्रतिक्रिया दी. लॉस एंजिल्स में सैकड़ों लोग सड़कों पर उतरे और ईरान तथा अमेरिका के झंडे लहराए. कुछ लोगों ने नए ईरान की उम्मीद जताई. वहीं लंदन, बर्लिन और मेडरिड जैसे शहरों में भी लोगों ने खुशी जताई.
इसके साथ ही कुछ जगहों पर युद्ध के खिलाफ प्रदर्शन भी हुए. लोगों ने कहा कि किसी भी देश में हिंसा समाधान नहीं है.
ईरान के भीतर स्थिति अभी पूरी तरह साफ नहीं है. एक ओर जश्न का माहौल है, तो दूसरी ओर भविष्य को लेकर चिंता भी बनी हुई है. आने वाले दिनों में देश की दिशा क्या होगी, इस पर सबकी नजर टिकी है.
ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत
ईरान के सरकारी मीडिया ने पुष्टि की है कि सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की इजरायल-अमेरिका के हमलों में उनके दफ्तर में मौत हो गई. इससे पहले अमेरिकी और इजरायली अधिकारियों ने उनके मारे जाने का दावा किया था.
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सरकार ने लंबे समय तक देश का नेतृत्व करने वाले खामेनेई के लिए 40 दिनों के शोक का ऐलान किया है. रविवार को आई आधिकारिक पुष्टि से पहले ईरान की तस्नीम और मेहर न्यूज एजेंसियों ने कहा था कि खामेनेई “मैदान की कमान संभाले हुए डटे हुए हैं”.
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर कहा कि 86 वर्षीय खामेनेई शनिवार तड़के शुरू हुए संयुक्त अमेरिकी-इजरायली हमलों में मारे गए.