युद्ध के बीच ईरान ने एक बहुत बड़ा दावा किया है. ईरान ने कहा है कि रविवार को उसके परमाणु साइट पर अमेरिका और इजरायल ने हमला किया है. IAEA में ईरान के राजदूत रेजा नजाफी ने कहा कि अमेरिका इजरायल ने रविवार को ईरानी न्यूक्लियर फैसिलिटी पर हमला किया. ईरानी राजदूत से जब पूछा गया कि ईरान में किस न्यूक्लियर फैसिलिटी पर हमला हुआ है तो उन्होंने कहा कि इजरायल और अमेरिका ने नतान्ज न्यूक्लियर फैसिलिटी पर हमला किया है.
IAEA में ईरान के राजदूत रेजा नजाफी ने कहा कि अमेरिका और इजरायली सरकार का मिलकर किया गया हमला नौ महीने से भी कम समय में दूसरा हमला है.ये सभी हमले गैर-कानूनी, क्रिमिनल और बेरहम हैं. सिर्फ एक मामले में उन्होंने एक एलिमेंट्री स्कूल को पूरी तरह से तबाह कर दिया, जिसमें कम से कम 165 लड़कियों की मौत हो गई. यह वही तथाकथित मदद और आज़ादी है जिसका U.S. प्रेसिडेंट ने ईरानियों से वादा किया था.
US-इजरायल के हमले क्रिमिनल-गैरकानूनी और बेरहम: ईरान
उन्होंने कहा कि कल फिर से उन्होंने ईरान की शांतिपूर्ण, सुरक्षित न्यूक्लियर फैसिलिटी पर हमला किया. उनका यह कहना कि ईरान न्यूक्लियर हथियार बनाना चाहता है, बस एक बड़ा झूठ है. उन्होंने हमारे सुप्रीम लीडर को शहीद कर दिया, जो अकेले मुस्लिम स्कॉलर थे जिन्होंने न्यूक्लियर हथियारों पर पूरी तरह से रोक लगाई थी. झूठ, धोखा और गलत जानकारी हमेशा से U.S. की फॉरेन पॉलिसी का एक बुनियादी हथियार रहा है. इसे ही US के बड़े पैमाने पर धोखे के हथियार कहा गया है.
रेजा नजाफी ने कहा कि पहले भी उन्होंने दूसरे देशों पर हमला करने के लिए धोखे और गलत जानकारी का इस्तेमाल किया है. यह जंग US प्रेसिडेंट ने शुरू की थी जो खुद को शांति का आदमी दिखाने की कोशिश करते हैं और नोबेल पीस प्राइज़ मांगते हैं. जब वे शांति की बात करते हैं, तब भी यह झूठ होता है. और अगर वे डिप्लोमेसी की बात करते हैं, तो वह सिर्फ़ धोखा है.
इधर ईरान के खिलाफ US और इजरायली मिलिट्री हमले जारी रहने के बीच वियना में इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की इमरजेंसी मीटिंग शुरू हो गई है.
U.N. न्यूक्लियर वॉचडॉग इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी के बोर्ड ऑफ़ गवर्नर्स ने सोमवार को एक इमरजेंसी मीटिंग शुरू की है. इस मीटिंग में US और इजरायली हमलों पर चर्चा की गई, इस मीटिंग का अनुरोध रूस ने किया था.
न्यूक्लियर प्लांट पर हमले के संकेत नहीं
बोर्ड का कोई भी सदस्य मीटिंग बुला सकता है. सोमवार की इमरजेंसी मीटिंग बोर्ड की लंबे समय से तय तिमाही मीटिंग से एक घंटा पहले शुरू हुई, जिसमें ईरान का न्यूक्लियर प्रोग्राम पहले से ही एजेंडा में था. डिप्लोमैट्स ने कहा कि इस बात का कोई संकेत नहीं है कि शनिवार के हमलों में ईरानी न्यूक्लियर फैसिलिटीज़ पर हमला हुआ था.
इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी कमीशन के चीफ राफेल मारियानो ग्रॉसी ने चेताया है कि अभी तक ईरान की सीमा से लगे देशों में रेडिएशन लेवल में सामान्य बैकग्राउंड लेवल से ज़्यादा बढ़ोतरी नहीं देखी गई है.
लेकिन ग्रॉसी ने कहा कि आज की स्थिति बहुत चिंताजनक है, हम गंभीर नतीजों के साथ संभावित रेडियोलॉजिकल रिलीज़ से इनकार नहीं कर सकते, जिसमें बड़े शहरों जितने बड़े या उससे भी बड़े इलाकों को खाली कराना शामिल है. उन्होंने कहा कि ईरानी न्यूक्लियर रेगुलेटरी अथॉरिटीज़ से संपर्क करने की कोशिशें जारी हैं, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है. हमें उम्मीद है कि बातचीत का यह जरूरी चैनल जल्द से जल्द फिर से शुरू हो जाएगा. हम सभी मिलिट्री ऑपरेशन्स में बहुत ज़्यादा संयम बरतने की अपील करते हैं. मैं सभी पार्टियों से अपनी अपील दोहराता हूं कि वे और तनाव से बचने के लिए ज़्यादा से ज़्यादा संयम बरतें.
IAEA चीफ ग्रॉसी ने कहा कि हमें डिप्लोमेसी और बातचीत की ओर लौटना होगा.