ईरान में खामेनेई सरकार के विरोध में बीते 15 से ज्यादा दिनों से जबरदस्त प्रोटेस्ट हो रहे हैं. खामेनेई विरोधी इन प्रदर्शनों को अमेरिका की ट्रंप सरकार का भी भरपूर सहयोग मिल रहा है. आलम ये है कि अमेरिका और ईरान के रिश्ते इतने बिगड़ गए हैं कि युद्ध की कगार तक जा पहुंचे हैं. ऐसे में ईरान के विदेश मंत्री ने एक शर्त पर अमेरिका से बातचीत पर सहमति जताई है.
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची ने कहा कि ईरान केवल और केवल आपसी सम्मान के आधार पर अमेरिका के साथ बातचीत को तैयार है. उन्होंने कहा कि हम अमेरिका के साथ बातचीत के लिए ही नहीं बल्कि युद्ध के लिए भी पूरी तरह तैयार हैं.
अरागची ने ईरान की मौजूदा परिस्थिति के लिए सीधे तौर पर अमेरिका और इजरायल को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा कि ईरान की सरकार के पास ऐसे सबूत हैं, जिनसे पता चलता है कि हाल की घटनाएं जिनमें पुलिस थानों पर हमले और सार्वजनिक संपत्तियों को जलाना शामिल है, उनमें अमेरिका और इजरायल समर्थित आतंकियों का हाथ है.
ईरान की सरकार ने इन घटनाओं में मारे गए पुलिसकर्मियों, सुरक्षाबलों के जवानों और आम नागरिकों को श्रद्धांजलि देते हुए तीन दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है. बता दें कि पिछले दो हफ्तों से जारी अशांति के दौरान ईरान के 100 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी मारे गए हैं. ईरान में सोमवार दोपहर तक इंटरनेट सेवा बड़े पैमाने पर बंद रही. तेहरान समेत पूरे देश में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. प्रमुख इलाकों और चौराहों पर पुलिस गश्ती बढ़ा दी गई है.