scorecardresearch
 

'और लोगों की मौत हुई तो...', ईरान में 16 लोगों की मौत से आगबबूला ट्रंप, खामेनेई शासन को धमकाया

ईरान में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के शासन के खिलाफ प्रदर्शन बढ़ रहे हैं, जिनमें अब तक कम से कम 16 लोगों की मौत हो चुकी है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस संबंध में ईरान को फिर से चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि अग प्रदर्शनकारियों की मौत होती है तो अमेरिका कड़ी कार्रवाई करेगा.

Advertisement
X
ट्रंप ने ईरानी शासन को फिर से धमकी दी है (Photo: AP)
ट्रंप ने ईरानी शासन को फिर से धमकी दी है (Photo: AP)

ईरान में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की सत्ता के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन जोरों पर हैं. मानवाधिकार समूहों ने रविवार को कहा कि ईरान में एक हफ्ते से जारी अशांति के दौरान कम से कम 16 लोगों की मौत हो चुकी है. इन आंकड़ों के सामने आने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी शासन को एक बार फिर धमकी दी है. उन्होंने कहा है कि अगर प्रदर्शनकारियों की मौत हुई तो ईरान को भारी कीमत चुकानी होगी.

अपने आधिकारिक विमान एयर फोर्स वन में सवार होकर 5 जनवरी 2026 को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है.  उन्होंने कहा कि अगर प्रदर्शनों के दौरान और लोगों की मौत होती है तो अमेरिका की ओर से 'बहुत कड़ी कार्रवाई' की जाएगी. 

ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, 'हम इस पर बहुत कड़ी नजर रखे हुए हैं. अगर वे लोगों को वैसे ही मारते रहेंगे जैसा उन्होंने पहले किया है तो मुझे लगता है कि अमेरिका की ओर से उन्हें बहुत करारा जवाब मिलेगा.'

शुक्रवार को अपनी धमकी में ट्रंप ने क्या कहा था?

इससे पहले शुक्रवार को भी ट्रंप ने ईरान को इसी तरह की धमकी दी थी. उन्होंने कहा था कि अगर ईरान का खामेनेई शासन प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल का इस्तेमाल करता है तो अमेरिका ईरान के अंदर हस्तक्षेप से परहेज नहीं करेगा.

Advertisement

ट्रंप ने शुक्रवार को ट्रूथ सोशल पर ईरान को चेतावनी देते हुए लिखा था, 'अगर शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग किया गया तो अमेरिका हस्तक्षेप करेगा. अगर प्रदर्शनकारियों को गोली मारी गई और उनकी हत्या की गई, तो अमेरिका पूरी तरह तैयार है.'

ट्रंप की धमकी पर ईरान का पलटवार

ट्रंप की इस धमकी के जवाब में ईरानी सुप्रीम लीडर खामेनेई के वरिष्ठ सलाहकार अली लारिजानी ने सोशल मीडिया के जरिए पलटवार किया था.

एक्स पर उन्होंने लिखा, 'इजरायली अधिकारियों और डोनाल्ड ट्रंप के बयानों से यह साफ है कि पर्दे के पीछे क्या चल रहा था. हम वास्तव में प्रदर्शन कर रहे लोगों और तोड़फोड़ करने वाले तत्वों के बीच स्पष्ट अंतर करते हैं. ट्रंप को यह समझना चाहिए कि इस घरेलू मामले में अमेरिका का हस्तक्षेप पूरे क्षेत्र को अस्थिर कर देगा और अमेरिकी हितों को नुकसान पहुंचाएगा.'

उन्होंने धमकी भरे अंदाज में आगे कहा था, 'अमेरिकी जनता को यह जानना चाहिए कि इस मुहिम की शुरुआत ट्रंप ने ही की है और उन्हें अपने सैनिकों की सुरक्षा का ख्याल रखना चाहिए.'

ईरान में क्यों शुरू हुए प्रदर्शन?

ईरान में हालिया प्रदर्शन बढ़ती महंगाई के खिलाफ शुरू हुए थे जो अब व्यापक रूप ले चुके हैं. दो हफ्ते से जारी प्रदर्शनों के दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हिंसक झड़पें हुई हैं.

Advertisement

ईरान में हो रहे प्रदर्शन बीते तीन सालों में सबसे बड़े प्रदर्शन माने जा रहे हैं. इस बार ईरान के खामेनेई शासन ने पहले की तुलना में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अपेक्षाकृत नरम रुख अपनाया है. ईरान में हालिया प्रदर्शन ऐसे समय में हो रहा है जब इस्लामिक गणराज्य की अर्थव्यवस्था गंभीर संकट में है. ईरानी मुद्रा रियाल में ऐतिहासिक गिरावट आई है. ईरान की मुद्रा रियाल का मूल्य गिरकर 1 डॉलर के मुकाबले 42,000 रियाल हो गया है.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement