अमेरिका और इजरायल ने शनिवार को ईरान के खिलाफ संयुक्त सैन्य हमला शुरू कर दिया, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है. शुरुआती हमले की खबर राजधानी तेहरान से आई, जहां सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के कार्यालय के आसपास धमाकों की जानकारी सामने आई. रिपोर्ट्स के मुताबित, एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि यह सैन्य अभियान लंबा चल सकता है, जिसमें लगातार कई दिनों तक कार्रवाई जारी रहेगी.
एक इजरायली रक्षा अधिकारी ने कहा कि यह अभियान अमेरिका के साथ समन्वय में चलाया जा रहा है और इसकी योजना कई महीनों से बनाई गई थी. हमले की तारीख भी हफ्तों पहले तय कर ली गई थी. इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि यह संयुक्त अभियान "ईरान के बहादुर लोगों को अपना भविष्य खुद तय करने की परिस्थितियां पैदा करेगा."
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बताया जा रहा है कि इजरायल-अमेरिका के हमले के बाद ईरान की तरफ से दो बार मिसाइलें दागी गई हैं. पहले चरण में 70 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गई हैं.
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो संदेश में पुष्टि की कि अमेरिकी सेना ने ईरान में "बड़े सैन्य अभियान" शुरू कर दिए हैं. उन्होंने कहा, "हमारा उद्देश्य अमेरिकी जनता की रक्षा करना है, जिसके लिए ईरानी शासन से उत्पन्न आसन्न खतरों को खत्म किया जाएगा." ट्रंप ने दोहराया कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिया जाएगा.
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ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने बार-बार समझौता करने की कोशिश की, लेकिन ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम को फिर से खड़ा करने का प्रयास किया और लंबी दूरी की मिसाइलें विकसित कीं, जो अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए खतरा हैं. उन्होंने कहा, "हम उनकी मिसाइलों को नष्ट कर देंगे, उनकी मिसाइल इंडस्ट्री को जमींदोज कर देंगे और उनकी नौसेना को खत्म कर देंगे."
ईरानी मीडिया ने देशभर में हमलों की खबर दी है. राजधानी तेहरान के ऊपर धुएं के गुबार उठते देखे गए. हालांकि ईरान की ओर से अभी आधिकारिक नुकसान का पूरा ब्योरा जारी नहीं किया गया है. हालात तेजी से बदल रहे हैं और आशंका जताई जा रही है कि यह टकराव आने वाले दिनों में और भीषण रूप ले सकता है.