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तेहरान में 'महाविनाश'... खामेनेई समेत ईरानी टॉप लीडरश‍िप में कौन-कौन मारा गया, कैसे हुई इतनी सटीक स्‍ट्राइक?

अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमलों में तेहरान स्थित ठिकानों पर बमबारी के बाद ईरान की शीर्ष नेतृत्व के मारे जाने की खबरें हैं, जिनमें सुप्रीम लीडर अली खामेनेई भी शामिल बताए गए. पूरे ख़ित्ते में युद्ध और सत्ता संघर्ष की आशंका गहरा गई है.

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ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत के बाद मातम का माहौल है. (Photo: AP)
ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत के बाद मातम का माहौल है. (Photo: AP)

ईरान में शन‍िवार को एक ऐसा भूचाल आया, जिसने पूरी दुनिया को चौंका दिया है. अमेरिका और इजरायल के साझा हमलों में ईरान की टॉप लीडरशिप करीब खत्म हो गई है. सबसे घातक हमला तेहरान के अंदर हुआ. सुप्रीम लीडर आयतुल्ला अली खामेनेई के सुरक्षित कंपाउंड (आवास) को निशाना बनाया गया. 

इसके अलावा, म‍िल‍िट्री हेडक्‍वार्टर्स और IRGC के ठिकानों पर भी भारी बमबारी हुई. मलबे से खामेनेई और उनके करीबियों के शव बरामद होने की खबरें हैं.

ईरान पर हुए हमलों में वहां की सत्ता के सबसे शक्तिशाली चेहरे खत्म हो गए हैं. CNN, Reuters, AP और ईरान टाइम्‍स के हवाले से ईरान के टॉप लीडर्स की मौत की पुष्‍ट‍ि हुई या खबरें आईं. पूरा घटनाक्रम कुछ इस प्रकार रहा:

ईरानी टॉप लीडरश‍िप में कौन-कौन मारा गया?

1. आयतुल्ला अली खामेनेई (ईरान के सुप्रीम लीडर) 

मौत की पुष्टि, तेहरान में उनके आवास पर हुए हमले में मारे गए.

2. अमीर नसीरजादेह (ड‍िफेंस म‍िन‍िस्‍टर)

मौत की पुष्टि, रॉयटर्स और ईरानी मीडिया ने इसकी रिपोर्ट दी है.

3. मेजर जनरल अब्‍दुलरहीम मोसावी (ईरानी आर्म्‍ड फार्सेस के चीफ ऑफ स्‍टाफ)

मौत की पुष्‍ट‍ि, ईरानी म‍ीड‍िया ने इसकी जानकारी दी है.

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4. मोहम्मद पाकपुर (IRGC कमांडर-इन-चीफ)

मौत की पुष्टि, उन्होंने हाल ही में कमान संभाली थी.

5. अली शमखानी (सीनियर सुरक्षा सलाहकार)

मौत की पुष्टि, सुरक्षा तंत्र के सबसे पुराने और भरोसेमंद चेहरे.

6. सालाह असदी (मिलिट्री इंटेलिजेंस चीफ) 

मारे जाने की रिपोर्ट, सैन्य मुख्यालय पर हमले के दौरान मौत.

7. मोहम्मद शिराजी (सुप्रीम लीडर के मिलिट्री ब्यूरो के प्रमुख)

मारे जाने की रिपोर्ट, खामेनेई और सेना के बीच की मुख्य कड़ी थे.

टारगेट का बंटवारा, सटीक-सरप्राइज अटैक

इस बार हमला इतना सटीक था कि बचने का कोई रास्ता नहीं था. बताया जा रहा है कि अमेरिका और इजरायल के बीच टारगेट का साफ बंटवारा हुआ था.
इजरायल का जिम्मा: ईरान की टॉप लीडरशिप (शीर्ष नेतृत्व) को खत्म करना.
अमेरिका का जिम्मा: ईरान की मिलिट्री साइट्स और परमाणु बुनियादी ढांचे को तबाह करना.

इजरायल ने अपने हिस्से का काम बखूबी किया और खामेनेई सहित कई बड़े नेताओं को मार गिराया. इस अटैक की खूबी थी इसका सरप्राइज और सटीक होना. ट्रंप की ओर से रोज ही हमले की धमकी दी जा रही थी. इसके साथ ही, जेनेवा में ईरान से बातचीत भी चल रही थी. एक द‍िन पहले खबर आई क‍ि अमे‍र‍िका और ईरान पीस डील के करीब है. दोनों के बीच मध्‍यस्‍थता करवा रहे ओमान के व‍िदेश मंत्री ने खुद टीवी चैनलों पर इसकी तस्‍दीक की. इसी ने ईरान की लीडरश‍िप को र‍िलैक्‍स कर द‍िया. और अगले द‍िन ईरान के समयानुसार सुबह 9.30 (भारत में सुबह 11.30 बजे) इजरायल ने एकसाथ ईरान की टॉप लीडरश‍िप को न‍िशाना बनाया. ज‍िसे उसने Preemptive Strike (हमले से बचने के ल‍िए किया गया हमला) कहा. लेक‍िन, हकीकत में यह इजरायल की ईरान पर सर्जिकल स्‍ट्राइक थी.

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इजरायली इंटेलिजेंस की 'जादुई' ताकत

इजरायली खुफिया एजेंसी मोसाद ने एक बार फिर साबित कर दिया कि ईरान के अंदर उसका नेटवर्क कितना गहरा है. इससे पहले भी इजरायल ने तेहरान के सुरक्षित घर में घुसकर हमास नेता इस्माइल हानिया को मारा था. अब खबरें हैं कि इजरायल के पास खामेनेई के मारे जाने का फोटोग्राफिक सबूत (शव की तस्वीर) भी मौजूद है. यह दिखाता है कि इजरायल न सिर्फ हमला करना जानता है, बल्कि उसे पल-पल की जानकारी भी थी.

ईरान पर शन‍िवार को हुआ हमला कोई आम म‍िल‍िट्री अटैक नहीं था, बल्कि इसका उद्देश्‍य ईरान की इस्‍लाम‍िक र‍िजीम का सिर कुचलने (Decapitation Strike) जैसा था. अमेर‍िकी राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे ईरान के लोगों के लिए 'आजादी का सबसे बड़ा मौका' बताया है. उधर, ईरान में जैसे ही खामेनेई की मौत की खबर सरकारी ब्रॉडकास्‍टर IRIB ने जारी की, मातम पसर गया. तेहरान की सड़कों पर न‍िकले लोग 'इंतकाम, इंतकाम...' के नारे लगाने लगे. ईरान अब भी म‍िड‍िल ईस्‍ट में म‍िसाइल और ड्रोन हमले कर रहा है. 

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आगे क्या?

ट्रंप कह चुके हैं क‍ि ईरान के लोग अपने देश की सत्‍ता को अपने हाथ में ले लें, और क्रूर इस्‍लाम‍िक र‍िजीम को उखाड़ फेंके. तो क्‍या वाकई ईरान में सत्ता संघर्ष शुरू होगा? फ‍िलहाल इसकी उम्‍मीद कम द‍िखती है. ईरान के भीतर भले होते रहे हों, लेक‍िन वहां के स‍िस्‍टम पर सरकार और सेना IRGC की पकड़ मजबूत है. खामेनेई के बाद उनके उत्‍तराध‍िकारी यानी नए आयतुल्‍ला की बात है, उसके ल‍िए पूरा स‍िस्‍टम पहले से तय है. कयास लगाए जा रहे हैं क‍ि खामेनेई के 56 वर्षीय बेटे मोजताबा खामेनेई ईरान के नए सुप्रीम लीडर बनाए जा सकते हैं. पूरी दुनिया की नजरें अब ईरान के अगले कदम पर टिकी हैं. क्‍योंक‍ि, उसी पर ट‍िका है म‍िड‍िल ईस्‍ट के इस महायुद्ध का भव‍िष्‍य.

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