ईरान की राजधानी तेहरान के आज़ादी स्क्वायर (फ्रीडम स्क्वायर) से इंडिया टुडे ग्रुप ने ग्राउंड ज़ीरो से खास कवरेज की. 1979 की इस्लामिक क्रांति की 47वीं वर्षगांठ के मौके पर तेहरान और मशहद सहित देश के कई शहरों में बड़े पैमाने पर रैलियां निकाली गईं, जिनमें लाखों लोग शामिल हुए.
आजादी स्क्वायर, जो 1979 की क्रांति के दौरान भी अहम केंद्र रहा था, एक बार फिर विशाल जनसमूह का गवाह बना. लोग अपने परिवारों के साथ राष्ट्रीय अवकाश के दिन जश्न और समर्थन रैली में पहुंचे. यह आयोजन ऐसे समय में हुआ है जब हाल के महीनों में ईरान में विरोध प्रदर्शन और अशांति देखने को मिली थी. साथ ही अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव, बयानबाजी और प्रतिबंधों के मुद्दे ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है.
इसी बीच ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेशकियन ने भी ‘22 बहमन’ रैली में हिस्सा लिया और इस्लामिक रिवॉल्यूशन की वर्षगांठ पर राष्ट्र को संबोधित किया. बता दें कि इंडिया टुडे ग्रुप तेहरान से सीधे आपको लगातार ग्राउंड रिपोर्ट और ताज़ा अपडेट दे रहा है.
आजादी स्क्वायर से हुई थी क्रांति की शुरुआत
आजादी स्क्वायर ईरान में ऐतिहासिक रूप से काफी अहम रहा है, यहीं से क्रांति की शुरुआत मानी जाती है. हाल के महीनों में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बाद यह पहला बड़ा सार्वजनिक जमावड़ा है, जहां बड़ी संख्या में लोग सुप्रीम लीडर की तस्वीरें और ईरान का झंडा लिए दिखाई दे रहे हैं. शहर में जगह-जगह ऐसे पोस्टर भी दिखे, जिनमें अमेरिका और इज़राइल की नीतियों के खिलाफ संदेश दिए गए हैं.
अमेरिका-ईरान के बीच तनाव बरकरार है. परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत की गुंजाइश जताई गई है, लेकिन बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम पर तेहरान का रुख सख्त बताया जा रहा है. ओमान में हुई हालिया वार्ता किसी नतीजे पर नहीं पहुंची. ईरानी अधिकारियों का कहना है कि देश की सुरक्षा और रक्षा क्षमताओं पर समझौता नहीं होगा.
इस बीच, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की अमेरिकी नेतृत्व से मुलाकात की खबरें हैं. माना जा रहा है कि वे ईरान के मिसाइल और क्षेत्रीय प्रभाव के मुद्दे को उठाएंगे. तेहरान में प्रशासन हालात पर नजर रखे हुए है.