"वे बस छोटी लड़कियां थीं, जिनके छोटे-छोटे सपने थे. वे कलरिंग बुक्स में इंद्रधनुष भरती थीं और जोर-जोर से मनगढ़ंत गाने गाती थीं. उनकी दुनिया छोटी, मुलायम और रोशनी से भरी थी. फिर दूसरी दुनिया है. शिकारियों की एक ऐसी दुनिया जो इतनी मुरझाई हुई है कि वे किसी और की आग बुझाकर ही जिंदा महसूस कर सकती हैं. उनकी आत्माएं इतनी अंधेरी हैं कि वे एक बच्चे की मासूमियत की चमकती रोशनी बर्दाश्त नहीं कर सकतीं, इसलिए वे उसे बुझा देती हैं."
ईरान की असहनीय पीड़ा को उजागर करती ये लाइनें एक ईरानी दूतावास ने लिखी है. ईरान ने मंगलवार को इजरायली-अमेरिकी हमले में मारी गईं 160 बेटियों को अंतिम विदाई दी. इस दूतावास ने कतार से खोदी गई 160 कब्रों की तस्वीर एक्स पर पोस्ट की है.
ऑस्ट्रिया में ईरान के दूतावास ने आगे लिखा है, "वे छोटी लड़कियां, जिन्हें सोने से पहले बस एक और कहानी सुननी चाहिए थी, अब कब्र की ठंडी, घुटन भरी खामोशी में सोती हैं. उनकी हंसी जो गलियारों में गूंजनी चाहिए थी चली गई है."
"शर्म. उन लोगों पर बहुत शर्म जो इस भयानक घटना को देखते हैं और चीखते नहीं हैं. उन पर जो अपराधियों के हाथों बच्चों का खून देखते हैं और अपनी चुप्पी से उसे धो देते हैं. आपकी चुप्पी एक वोट है. आपका कुछ न करना एक हथियार है. इतिहास याद रखेगा कि आपने किसका साथ दिया. US-इज़रायली बमबारी में एक प्राइमरी स्कूल में 160 से ज़्यादा स्कूली छात्राएं मारी गईं."
💔They were just little girls, with little girl dreams. They filled coloring books with rainbows and sang made-up songs at the top of their lungs. Their world was small and soft and filled with light.
— IRAN Embassy in Austria (@IraninAustria) March 2, 2026
Then there is the other world. A world of predators so withered they can only… pic.twitter.com/zUPQ6faMyJ
ईरान अब गम में डूबा है, ईरान के शहर मिनाब में मंगलवार को लाखों लोगों की भीड़ ने 160 उन लाडली बेटियों को अंतिम विदाई दी जो इजरायली और अमेरिकी हमले में मारे गए. ये बेहद गमगीन कर देने वाला मंजर था. मांए सीना पीट पीटकर रो रही थीं. बाप बदले की आग में जल रहे थे. ईरान का मिनाब शहर जब इन 160 बेटियों के जनाजे में शरीक होने के लिए सड़कों पर आया तो एक एक शख्स रो रहा था.
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी इन 160 कब्रों की तस्वीर एक्स पर पोस्ट की है.
उन्होंने लिखा है, "ये कब्रें उन 160 से ज़्यादा मासूम लड़कियों के लिए खोदी जा रही हैं, जो US-इज़राइली बमबारी में एक प्राइमरी स्कूल में मारी गईं. उनके शरीर के टुकड़े-टुकड़े कर दिए गए. मिस्टर ट्रंप ने जिस "बचाव" का वादा किया था, असल में वह ऐसा ही दिखता है. गाजा से लेकर मिनाब तक मासूमों की बेरहमी से हत्या की गई."
ईरान के मिनाब शहर में माहौल बेहद भावुक और हृदयविदारक था. हजारों लोग, स्थानीय निवासी, मुख्य मैदानों और मस्जिदों में एकत्र हुए. सफेद कफन में लिपटे नन्हे-नन्हे ताबूतों की लंबी कतारें सड़कों पर निकलीं. मातम में पूरा शहर डूब गया. बाजार बंद रहे, लोग काली पट्टियां बांधकर विरोध जताते दिखे. माता-पिता ताबूतों से लिपटकर सिसकते रहे.
इजरायल और अमेरिका के हमले में ईरान के 787 लोगों की मौत अबतक हो चुकी है. जंग के चौथे दिन भी तेहरान पर अमेरिका और इजरायल के हमले जारी हैं. ईरान जवाबी हमले में सऊदी अरब में अमेरिकी दूतावास पर हमला किया. इस बीच अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा आयोग ने इस बात की पुष्टि की है कि नतांज में परमाणु केंद्र पर हमला हुआ था. हालांकि IAEA ने किसी तरह के रेडिएशन लीक की आशंका से इनकार किया है.