ओमान के तट के पास एक टैंकर पर हुए हमले और तीन भारतीय नाविकों के लापता होने के मामले ने भारत-अमेरिका संबंधों में नई मुश्किलें पैदा कर दी है. इस घटना के बाद भारत ने नई दिल्ली में अमेरिका के सबसे वरिष्ठ राजनयिक को तलब किया था. अब अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा है कि वह इस मामले को लेकर भारत सरकार के सीधे संपर्क में है.
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता ने कहा, "स्टेट डिपार्टमेंट इस मामले को लेकर भारत सरकार के साथ सीधे संपर्क में है." यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत ने ओमान के पास हुए हमले की निंदा करते हुए भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है.
यह भी पढ़ें: बहरीन-कुवैत-जॉर्डन और तेल टैंकर... अमेरिका के ताजा हमलों के बाद ईरान ने मचाई तबाही
दरअसल, बुधवार को भारत ने टैंकर सेटेबेलो पर हुए हमले की कड़ी आलोचना की थी. इस हमले में जहाज पर सवार 24 भारतीय क्रू में से 3 भारतीय क्रू लापता बताए जा रहे हैं. भारत ने इस मामले में अमेरिकी प्रभारी राजदूत जेसन मीक्स को विदेश मंत्रालय बुलाकर आधिकारिक विरोध दर्ज कराया.
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के US डिप्टी चीफ ऑफ मिशन को बुलाने के फैसले और दो जहाजों पर हमलों के बारे में एक सवाल के जवाब में, स्टेट डिपार्टमेंट के एक प्रवक्ता ने कहा, "डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट इस मामले में भारत सरकार के सीधे संपर्क में है."
अमेरिका ने पलाऊ फ्लैग टैंकर पर किया था हमला
विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव (अमेरिका) नागराज नायडू ने अमेरिकी पक्ष को स्पष्ट संदेश दिया कि भारतीय नाविकों की जान को खतरे में डालने वाली किसी भी कार्रवाई को स्वीकार नहीं किया जा सकता. हालांकि, भारत के आधिकारिक बयान में हमले के लिए किसी देश का नाम नहीं लिया गया, लेकिन मामले से जुड़े जानकारों के मुताबिक, पलाऊ-फ्लैग वाले टैंकर सेटेबेलो को अमेरिकी बलों ने निशाना बनाया था. आरोप है कि जहाज अमेरिकी प्रतिबंधों और ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी को दरकिनार करने की कोशिश कर रहा था.
विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि 24 भारतीय क्रू सदस्यों में से 21 को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि तीन भारतीय अभी भी लापता हैं. ओमान स्थित भारतीय दूतावास स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर खोज और बचाव अभियान की निगरानी कर रहा है.
जानकारी के मुताबिक, सेटेबेलो चीन के लियानयुंगांग बंदरगाह से संयुक्त अरब अमीरात के फुजैराह जा रहा था. जहाज पर कुल 28 लोग सवार थे, जिनमें 24 भारतीय, दो पाकिस्तानी, एक रूसी और एक यूक्रेनी नागरिक शामिल थे. ओमान की सशस्त्र सेनाओं ने 21 भारतीयों को सुरक्षित निकाल लिया.
यह भी पढ़ें: ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट फिर कर दिया सील, अमेरिका के नए हमलों के बाद जहाजों की No Entry
ओमानी नौसेना ने किया थे भारतीय क्रू को रेस्क्यू
यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने बताया कि ओमान के सोहार बंदरगाह से लगभग 20 समुद्री मील उत्तर-पूर्व में जहाज के इंजन रूम में आग लग गई थी. समुद्री सुरक्षा कंपनी वैनगार्ड के मुताबिक, जहाज ने संकट संदेश भेजकर बताया था कि उस पर मिसाइल हमला हुआ है, जिसके बाद आग लग गई. इसके बाद ओमान की नौसेना ने राहत अभियान शुरू किया.
भारत ने इस पूरी घटना को पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का नतीजा बताते हुए तत्काल तनाव कम करने की अपील की है. विदेश मंत्रालय ने कहा कि क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों और नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमले तुरंत बंद होने चाहिए. साथ ही अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर निर्बाध और सुरक्षित आवाजाही बहाल की जानी चाहिए.
गौरतलब है कि, 13 अप्रैल से अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी शुरू कर रखी है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, अब तक सात जहाजों को रोका गया है, 134 जहाजों का रास्ता बदला गया है और 42 मानवीय सहायता से जुड़े जहाजों को गुजरने की अनुमति दी गई है.