scorecardresearch
 

जिन 2 जहाजों को ईरान ने किया जब्त, उनमें सवार थे 22 भारतीय, फायरिंग की चपेट में आए

ईरान ने बुधवार को जब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ऑपरेशन किया तो 22 भारतीय नाविक ईरानी सेना की फायरिंग की चपेट में आ गए. इस दौरान इन नाविकों की जान पर बन आई थी. हालांकि भारत सरकार ने कहा ये नाविक सुरक्षित हैं और इनसे संपर्क स्थापित कर लिया गया है.

Advertisement
X
ईरान ने होर्मुज से होकर गुजर रहे 3 जहाजों को कब्जे में लिया है. (Photo: ITG)
ईरान ने होर्मुज से होकर गुजर रहे 3 जहाजों को कब्जे में लिया है. (Photo: ITG)

ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बुधवार को जब दो जहाजों को पकड़ने के लिए नेवी ऑपरेशन किया तो इसकी चपेट में 22 भारतीय नाविक भी आ गए थे. ये 22 भारतीय नाविक इन दो जहाजों पर सवार थे. पोर्ट, शिपिंग और जलमार्ग मंत्रालय ने गुरुवार को इस घटना की पूरी जानकारी दी. भारत ने कहा है कि हम भारतीय नाविकों की सुरक्षा के लिए चिंतित हैं. सरकार के अनुसार सभी 22 नाविक सुरक्षित हैं. 

रिपोर्ट के अनुसार इन 22 नाविकों में से 1 नाविक Epaminondas नाम के जहाज पर सवार था. जबकि 21 नाविक Euphoria नाम के जहाज पर सवार थे. 

बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने कहा कि इस घटना में शामिल दो जहाजों पर 22 भारतीय नाविक सवार थे. उन्होंने कहा, "दोनों जहाजों पर सवार सभी नाविक सुरक्षित हैं."

बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्रालय, नाविकों की सुरक्षा और निर्बाध समुद्री ऑपरेशन को सुनिश्चित करने के लिए विदेश मंत्रालय, भारतीय मिशनों के साथ समन्वय जारी रखे हुए है. 

बुधवार को ईरानी सेना ने दो कंटेनर जहाजों फ्रांसेस्का और एपामिनोंडास को होर्मुज में कब्ज़े में ले लिया था. ये जहाज स्ट्रेट से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे. वहीं एक तीसरे जहाज यूफोरिया पर गोलीबारी हुई जिससे इस रणनीतिक जलमार्ग में तनाव बढ़ गया था. 

Advertisement

एपामिनोंडास के 21-सदस्यों के चालक दल में एक भारतीय नागरिक भी शामिल था; यह पनामा का झंडा लगा कंटेनर जहाज था और भारत की ओर जा रहा था. मंगल ने बताया कि अधिकारियों ने उस नाविक से संपर्क स्थापित कर लिया है और उसकी सुरक्षा की पुष्टि की है.  उन्होंने कहा, "हमने संबंधित अधिकारियों से बात की है और वह सुरक्षित है."

तीसरे जहाज यूफोरिया पर भी पनामा का झंडा लगा था और उस पर 21 भारतीय नाविक सवार थे. अधिकारियों ने बताया कि सभी सुरक्षित हैं.  फ्रांसेस्का पर कोई भी भारतीय नागरिक सवार नहीं था. 

मंगल ने बताया कि एपामिनोंडास और फ्रांसेस्का फारस की खाड़ी के पश्चिमी हिस्से में थे, जबकि यूफ़ोरिया स्ट्रेट के पूर्व की ओर चली गई थी. उन्होंने कहा, "अब आप पता लगा सकते हैं कि कौन-सा जहाज़ कहां है," हालांकि उन्होंने सीधे तौर पर इस बात की पुष्टि नहीं की कि क्या वे जहाज़ अभी भी ईरान के नियंत्रण में हैं.

भारतीय नाविकों को लेकर सरकार चिंतित

शिपिंग मंत्रालय ने कहा कि वह होर्मुज़ स्ट्रेट के पास काम कर रहे "भारतीय नाविकों को लेकर चिंतित" है. यह चिंता इस क्षेत्र में जहाजों पर गोलीबारी की रिपोर्टों के बाद सामने आई है, हालांकि अधिकारियों ने बताया कि कोई भी भारतीय घायल नहीं हुआ है. 

Advertisement

मंत्रालय ने आगे कहा, "गोलीबारी में कोई भी भारतीय नाविक घायल नहीं हुआ है." मंत्रालय ने यह भी बताया कि 28 फरवरी को ईरान संघर्ष शुरू होने के बाद से अब तक कम से कम 2,680 भारतीय नाविकों को सुरक्षित निकाल लिया गया है. 

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement