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गो-कार्ट में फंसे बाल तो फटी खोपड़ी, रीढ़ में खतरनाक घाव... साउथ अफ्रीका में भयानक हादसे का शिकार हुई भारतीय

15 साल की पीड़ित बच्ची के पिता वर्नोन गोवेंडर ने स्थानीय मीडिया को बताया कि डॉक्टरों ने उन्हें बताया कि उनकी बेटी की खोपड़ी फटी हुई थी और कमर से नीचे कोई हलचल नहीं थी. गोविंदर ने कहा कि उनकी बेटी ने गो कार्टिंग करते हुए सख्त नियमों का पालन किया था. उसने हेलमेट पहना था और उसके लंबे बाल पोनीटेल में बंधे हुए थे.

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प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रतीकात्मक तस्वीर

साउथ अफ्रीका में एक भारतीय मूल की लड़की को गंभीर हादसे का शिकार होने के बाद डरबन के एक अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है. दरअसल एक एंटरटेनमेंट सेंटर गई लड़की के बाल गो- कार्ट (मोटर स्पोर्ट) में फंस गए थे जिसके चलते उसके साथ ये भयानक हादसा हो गया. 15 साल की क्रिस्टन गोविंदर को आईसीयू में दूसरा हफ्ता हो गया है. यहां रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट और दुर्घटना के बाद फटी महाधमनी के लिए उसका इलाज किया जा रहा है. मामले की जांच अधिकारियों द्वारा की जा रही है.

'खोपड़ी फटी हुई थी और कमर से नीचे कोई हलचल नहीं थी'

उसके पिता वर्नोन गोवेंडर ने स्थानीय मीडिया को बताया कि डॉक्टरों ने उन्हें बताया कि उनकी बेटी की खोपड़ी फटी हुई थी और कमर से नीचे कोई हलचल नहीं थी. गोविंदर ने कहा कि उनकी बेटी ने गो कार्टिंग करते हुए सख्त नियमों का पालन किया था. उसने हेलमेट पहना था और उसके लंबे बाल पोनीटेल में बंधे हुए थे.

गो-कार्ट खराब होने और  तत्काल सहायता प्रदान करने में प्रबंधन के विफल होने के गोविंदर के आरोपों के बीच, डरबन में लोकप्रिय गेटवे मॉल के प्रबंधन ने इस घटना के संवेदनशील होने का हवाला देकर इसपर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है.  

'बेटी ने बताया था कि गोकार्ट का हिस्सा ढीला है'

गोविंदर ने बताया कि “कोर्स के अपने पहले लैप के दौरान, क्रिस्टिन ने बैरियर पर स्पिन-ऑफ किया. तभी गो-कार्ट का पिछला हिस्सा ढीला हो गया. एक्सल को कवर करने वाला कवर उसे ढीला लग रहा था. जब गो कार्ट संचालकों में से एक उसके पास आया, तो उसने ढीले कवर के बारे में पूछा. अधिकारी ने उसे बताया कि यह ठीक है, उसने प्लास्टिक के टुकड़े को हटा दिया, उसे एक तरफ फेंक दिया और उसे रेस जारी रखने के लिए कहा. इसके बाद उसके एक मीटर से अधिक लंबे बाल उसके हेलमेट के नीचे ढीले हो गए थे. दुर्घटना में उसके सिर के सामने के बाल खिंच गए, और इसने उसकी खोपड़ी को फाड़ दिया.

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'मदद मांगने गए तो बंद हो चुका था गो-कार्टिंग का ऑफिस'

गोविंदर ने कहा कि उसका बहुत खून बह रहा था. मेरा 13 साल का बेटा उसके साथ था. वह दुर्घटना की रिपोर्ट करने के लिए गो-कार्टिंग कार्यालय गया, लेकिन कार्यालय बंद था. उन्होंने जल्दी से सब कुछ बंद कर दिया था. यहां तक ​​कि सुरक्षा अधिकारियों सहित प्रबंधन, के लोग भी वहां से चले गए थे . गोविंदर ने कहा कि वह पुलिस में शिकायत करने पर विचार कर रहे हैं क्योंकि वह नहीं चाहते कि कोई और भी इस भयानक अनुभव से गुजरे.

एक्शन कार्टिंग गेटवे के मालिक स्टीवन पूल ने साप्ताहिक को बताया कि ट्रैक पर सभी सुरक्षा उपायों का पालन किया गया था. पूल ने आरोपों पर कानूनी कार्रवाई की भी धमकी दी. पूल ने कहा कि क्रिस्टिन के चाचा उन कर्मचारियों के प्रति "बेहद आक्रामक" थे जिन्होंने घटना के बाद सहायता करने की कोशिश की थी.

'गो कार्ट में सवारी से पहले बाल बांधना जरूरी है'

उन्होंने कहा- हमें परिवार से सहानुभूति है. लेकिन हमने ट्रैक पर आठ साल में ऐसी घटना कभी नहीं देखी है. हमारे सभी ग्राहकों को हम एक सुरक्षा ब्रीफिंग वीडियो दिखाते हैं, जो कार्ट की सवारी करने और ट्रैक पर क्या करें, इसको लेकर बहुत स्पष्ट है, इसमें बालों को बांधना भी शामिल है. हम महिलाओं के बाल खुद नहीं बांध सकते इसलिए हम इसे ग्राहकों पर छोड़ देते हैं. अतीत में हमारे साथ ऐसा होता रहा है जहां पिताओं को यह पसंद नहीं आया कि मेरा स्टाफ उनके घर की बेटियों के बालों को बांधे.”

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भारत में भी हुआ था ऐसा हादसा, गई थी इंजीनियरिंग छात्रा की जान

बता दें कि दो साल पहला भारत में भी ऐसा हादसा हुआ था. साल 2020 में हैदाराबाद में इंजीनियरिंग की एक छात्रा की उस समय मौत हो गई जब उसके बाल गो कार्ट के व्हील में फंस गए और बुरी तरह से घायल हो गई. यह हादसा हैदराबाद के मीरपेट पुलिस स्टेशन के तहत गुर्रम गुड़ा में स्थित गो-कार्टिंग प्ले जोन में हुआ था.

 
 

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