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‘हाजी अली’ हादसे के बीच होर्मुज से दो LPG जहाजों को सुरक्षित ला रही इंडियन नेवी

भारतीय नौसेना ने होर्मुज स्ट्रेट पार करने वाले दो LPG जहाजों को सुरक्षित एस्कॉर्ट किया है, जिनमें मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाला SYMI और वियतनाम का सनशाइन शामिल हैं. दोनों जहाजों ने ऐसे वक्त होर्मुज पार किया है जब स्ट्रेट के पास में ही ओमान के तट पर एक भारतीय जहाज पर हमला हुआ.

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दो एलपीजी टैंकरों ने सुरक्षित तरीके से होर्मुज पार किया है (Photo: File/PTI)
दो एलपीजी टैंकरों ने सुरक्षित तरीके से होर्मुज पार किया है (Photo: File/PTI)

भारतीय नौसेना ने पिछले दो दिनों में होर्मुज स्ट्रेट पार करने वाले दो और लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) जहाजों को सुरक्षित एस्कॉर्ट किया है. मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाला LPG जहाज ‘SYMI’ 13 मई को होर्मुज स्ट्रेट पार कर चुका है और इसके 16 मई तक गुजरात के कांडला पोर्ट पहुंचने की उम्मीद है. इस जहाज में 19,965 मीट्रिक टन LPG लदी हुई है.

वहीं, वियतनाम के झंडे वाला दूसरा LPG जहाज ‘सनशाइन’ 14 मई को होर्मुज स्ट्रेट पार कर चुका है और इसके 18 मई तक भारत के न्यू मंगलुरु पोर्ट पहुंचने की संभावना है. इस जहाज में 46,487 मीट्रिक टन LPG भारत लाई जा रही है.

पोर्ट्स और शिपिंग मंत्रालय के अधिकारी मुकेश मंगल के मुताबिक, 'अब तक कुल 13 तेल-गैस ला रहे जहाज होर्मुज स्ट्रेट पार कर चुके हैं, जिनमें 12 LPG जहाज और एक क्रूड ऑयल जहाज शामिल है. पिछले दो दिनों में स्ट्रेट पार करने वाले दोनों LPG जहाज विदेशी झंडे वाले हैं, लेकिन उनका कार्गो भारत के लिए आ रहा है.'

भारतीय जहाज पर हमले को लेकर क्या बोले अधिकारी

भारतीय जहाज 'हाजी अली' पर हुए हमले को लेकर मुकेश मंगल ने कहा कि जहाज पर हमला ओमान के समुद्री क्षेत्र में हुआ था. जहाज पर मौजूद क्रू मेंबर्स को सुरक्षित निकालकर सुरक्षित जगहों पर पहुंचा दिया गया है और उन्हें जल्द भारत वापस लाया जाएगा.

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गुजरात का यह कार्गो जहाज  बुधवार को ओमान तट के पास संदिग्ध ड्रोन हमले के बाद समुद्र में डूब गया. जहाज पर 14 भारतीय क्रू मेंबर्स सवार थे जिन्हें ओमान के प्रशासन ने बचा लिया. देवभूमि द्वारका जिले के सलाया पोर्ट में रजिस्टर्ड यह जहाज सोमालिया से शारजाह जा रहा था और इसमें पशु लदे हुए थे.

युद्ध शुरू होने के बाद इंडियन नेवी अपने जहाजों को दे रही सुरक्षा 

इससे पहले 11 अन्य जहाज भी होर्मुज स्ट्रेट पार कर चुके हैं, जिन्हें भारतीय नौसेना ने अलग-अलग भारतीय बंदरगाहों तक सुरक्षित एस्कॉर्ट किया था. भारतीय नौसेना न सिर्फ इन जहाजों को स्ट्रेट पार कराने में मदद कर रही है, बल्कि युद्ध शुरू होने के बाद से लगातार उनके संपर्क में भी है. नौसेना भारतीय झंडे वाले जहाजों को सुरक्षित रखने और नए सुरक्षित समुद्री मार्गों के जरिए स्ट्रेट पार कराने के लिए हर तरह की मदद दे रही है.

युद्ध शुरू होने के बाद भारतीय नौसेना ने फारस की खाड़ी में भारतीय जहाजों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त टास्क फोर्स भी तैनात की हैं. हालांकि भारतीय नौसेना सीधे फारस की खाड़ी में प्रवेश नहीं कर रही है, लेकिन वो भारतीय जहाजों को सुरक्षित बनाए रखने और होर्मुज स्ट्रेट पार कराने में नेविगेशन और कम्यूनिकेशन मदद दे रही है.

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जैसे ही ये जहाज फारस की खाड़ी पार करते हैं, भारतीय नौसेना के युद्धपोत ओमान की खाड़ी से लेकर उत्तरी अरब सागर के रास्ते भारतीय बंदरगाहों तक उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल लेते हैं. प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री, CDS और नौसेना प्रमुख इन गतिविधियों की लगातार निगरानी कर रहे हैं, जहां नौसेना इन जहाजों को एस्कॉर्ट कर रही है. 

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