हिंदुस्तान से भटककर कराची में पहुंची गीता को लेकर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज द्वारा उससे मिलने के लिए पाक में भारतीय उच्चायुक्त को निर्देश दिए जाने के बाद भारतीय उच्चायुक्त टीसीए राघवन ने मंगलवार देर शाम गीता से मुलाकात की है. कल देर शाम पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने भारतीय उच्चायुक्त राघवन, उनकी पत्नी रंजना राघवन और विदेश मंत्रालय के कुछ अफसरों को गीता से मिलने की परमिशन दी थी.
कराची में एक NGO के पास भारत की लड़की गीता करीब 14 साल से रह रही है. करीब दस साल की उम्र में गीता गलत बस में बैठकर सरहद के पास आ गई थी. वो बोल और सुन नहीं सकती है. न्यूज चैनल्स पर गीता की ख़बर आने के बाद विदेश मंत्रालय ने संज्ञान लिया है. गीता अपने घर वापस आना चाहती है, लेकिन चाहकर भी कोई उसके घर का पता नहीं ढूंढ पा रहा है.
गीता बताती है कि वहां भटकते हुए ना जाने कब पाकिस्तान की सरहद में दाखिल हो गई. पाकिस्तानी सैनिक ने उसे पकड़ लिया और फिर कोर्ट के आदेश पर उसे NGO के हवाले कर दिया गया. वह हाथ जोड़कर गुज़ारिश करती है कि कोई उसे उसके घरवालों से मिलवा दे. कोई उसके घरवालों को ये बता दे कि वो कराची में है. पाकिस्तान में एदी फाउंडेशन के लोग भी लगातार कोशिश कर रहे हैं.
चेहरे के भाव और उंगलियों के इशारे से गीता ने बताया कि उसके सात भाई और चार बहनें हैं. फैसल एदी ने कहा, 'हमने उसकी लिखी चीजें लोगों को दिखाईं, लेकिन कुछ नतीजा नहीं निकला. वह पत्रिकाओं से हिंदी शब्दों की नकल करती है. आश्रय गृह के कर्मचारियों ने उसके लिए अलग एक पूजा कक्ष बनाया है, जिसमें हिंदू देवी-देवताओं की तस्वीरें लगी हैं.'
मानवाधिकार कार्यकर्ता और पूर्व मंत्री अंसार बर्नी ने कहा, 'वह हिंदू है. उसने देवी-देवताओं की रंग-बिरंगी तस्वीरें अपने कमरें में लगाई हैं.' फैसल ने बताया, 'मैं उसके लिए नेपाल से गणेश की मूर्ति लाया था.' इसी तरह की काल्पनिक कहानी पर बनी सलमान खान अभिनीत 'बजरंगी भाईजान ' की सफलता के बाद सामाजिक कार्यकर्ता गीता को भारत में उसके परिवार से मिलाने के प्रयास कर रहे हैं.