इमरान खान की खराब सेहत के बीच पाकिस्तान सरकार ने बड़ा दावा किया है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के एक करीबी सहयोगी ने कहा है कि जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को दो बार 'डील' का ऑफर दिया गया था, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार करने से मना कर दिया.
प्रधानमंत्री के पॉलिटिकल अफेयर्स एडवाइजर राणा सनाउल्लाह ने बुधवार शाम एक टॉक शो में कहा कि,'पहले पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के फाउंडर इमरान खान के साथ डील करने की दो सीरियस कोशिशें की गईं, लेकिन वे फेल हो गईं."
सनाउल्लाह ने कहा,"पहली कोशिश गृह मंत्री मोहसिन नकवी और उस समय के खैबर पख्तूनख्वा के चीफ मिनिस्टर पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ अली अमीन गंडापुर ने 26 नवंबर, 2024 से पहले की थी, और दूसरी कोशिश हाल ही में विदेश से कुछ लोगों ने की थी. इमरान खान शुरू में मान गए थे लेकिन बाद में डील से पीछे हट गए."
सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस डील में क्या था पाकिस्तान सरकार ने इसका खुलासा करने से इनकार कर दिया.
उन्होंने कहा, "हम इस समस्या का राजनीतिक समाधान चाहते हैं, लेकिन खान कोई रास्ता निकालने को तैयार नहीं हैं."
पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PMLN) के प्रमुख नवाज शरीफ के करीबी सहयोगी सनाउल्लाह ने आगे कहा कि खान चाहते हैं कि मौजूदा सरकार का पत्ता साफ हो जाए और वह सत्ता में आएं.
तीन बार के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की ओर से पाक मिलिट्री के साथ डील करने का बचाव करते हुए सनाउल्लाह ने कहा, "नवाज शरीफ एक अनुभवी नेता हैं. उन्होंने अपने और अपनी पार्टी के लिए आगे बढ़ने का रास्ता ढूंढ लिया है."
सनाउल्लाह के खुलासे पर केंद्रीय सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने गुरुवार को अपने X अकाउंट पर एक पोस्ट में साफ किया और कहा, "इमरान खान के साथ न तो कोई डील हुई है और न ही कोई नरमी दी जा रही है. सरकार द्वारा इमरान खान को छूट देने की कोई भी बात पूरी तरह से झूठी है. इमरान खान एक सज़ायाफ़्ता अपराधी हैं."
इस बीच इमरान खान के परिवार और पार्टी कार्यकर्ताओं ने इस्लामाबाद के शिफा हॉस्पिटल में उनके पर्सनल डॉक्टरों की मौजूदगी में उनकी आंखों का इलाज कराने की मांग की है.
खान के वकील सलमान सफदर ने पिछले हफ्ते सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि 73 साल के पूर्व प्रधानमंत्री ने जेल में अपनी दाहिनी आंख की 85 परसेंट रोशनी खो दी है.
बाद में खान की बहन नोरीन खान ने कहा, "इमरान खान फील्ड मार्शल जनरल असीम मुनीर के निर्देशों के तहत जेल में अकल्पनीय बुरा बर्ताव झेल रहे हैं, क्योंकि देश नाजायज और गैर-इस्लामी शासन के अधीन है."
क्रिकेटर से नेता बने इमरान अगस्त 2023 से कई मामलों में जेल में हैं.