इजरायल-हमास जंग के बीच इजरायली सैनिक गाजा पट्टी के अल-शिफा अस्पताल में घुस गए हैं. अब इजरायली सैनिकों के निशाने पर हमास का कमांड सेंटर है. इजरायल का दावा है कि अल-शिफा अस्पताल के नीचे हमास का कमांड सेंटर है. इसका इस्तेमाल हमास के साथ-साथ फिलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद के आतंकी हथियार और बंधकों को रखने के लिए कर रहे हैं.
IDF के मुताबिक इजरायली सेना आज सुबह से ही अल-शिफा अस्पताल में ऑपरेशन को अंजाम दे रही है. IDF का कहना है कि उनके पास पुख्ता सबूत हैं कि अल-शिफा अस्पताल का इस्तेमाल हमास के आतंकी कर रहे हैं, इसलिए वह एकदम सटीक ऑपरेशन चला रहे हैं.
ऑपरेशन को अमेरिका का भी समर्थन
जेरूसलम पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने भी इजरायल के दावे को मजबूत करते हुए अस-शिफा अस्पताल के नीचे आतंकियों और हथियारों का गोदाम होने की बात कही है. किर्बी ने कहा है कि हमास ही नहीं, फिलिस्तीन का आतंकी संगठन फिलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद भी अल-शिफा अस्पताल का इस्तेमाल कर रहा है. इस अस्पताल के नीचे बने कमांड सेंटर में हथियारों का जखीरा रखा हुआ है, यहां बंधकों को भी रखा गया है.
अरबी जानने वाले लोग भी सेना के साथ
किर्बी ने आगे कहा है कि इजरायली सेना के साथ मेडिकल टीम और अरबी भाषा जानने वाले लोग भी हैं. इन लोगों को मरीजों से बातचीत कर हालात सामान्य रखने में मदद करने के लिए ले जाया गया है. IDF की कोशिश है कि इस ऑपरेशन में किसी भी आम नागरिक को नुकसान ना पहुंचे.
बीमार और बेघर लोगों को हटाया गया
ऑपरेशन को अंजाम देने से पहले ही बीमार और बेघर लोगों को वहां से हटा दिया गया. इस काम के लिए एक स्पेशल रूट भी बनाया गया था. इस ऑपरेशन से पहले अस्पताल प्रबंधन को भी जानकारी दे दी गई थी. उम्मीद की जा रही है कि इनक्यूबेटर के साथ-साथ दूसरे मेडिकल उपकरण कहीं और ट्रांसफर कर दिए जाएंगे.
टैंक के साथ अस्पताल में घुसे सैनिक
अल-शिफा अस्पताल में घुसे इजरायली सैनिक अपने साथ टैंक भी लेकर गए हैं. अमेरिकी मीडिया हाउस सीएनएन को फिलिस्तीनी पत्रकार खादर अल जानौन ने बताया है कि इजरायली सैनिक अस्पताल सैनिक के अंदर टैंक के साथ दाखिल हुए हैं. हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि अस्पताल की बिल्डिंग के अंदर कितने इजरायली सैनिक हैं.
यहीं बना इजरायली अटैक का प्लान
IDF पहले भी कह चुका है कि शिफा अस्पताल से सटा तथाकथित मिलिट्री क्वार्टर, हमास की खुफिया गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है, और 7 अक्टूबर के हमले की योजना यहीं से बनाई गई थी, जिसमें लगभग 1400 इजरायली नागरिक मारे गए थे और 240 से अधिक का अपहरण कर लिया गया था.