अमेरिका की डेमोक्रेटिक सांसद तुलसी गबार्ड ने मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड हाफिज सईद को नजरबंदी से रिहा करने को मूर्खतापूर्ण करार दिया.
बता दें कि पाकिस्तान सरकार ने प्रतिबंधित जमात उद दावा के प्रमुख को किसी अन्य मामले में और हिरासत में नहीं रखने का फैसला किया, जिसके बाद उसे शुक्रवार को रिहा कर दिया गया. वह इस साल जनवरी से नजबंद था.
भारत और भारतीय अमेरिकियों के हाउस कांग्रेशनल कॉकस की सह अध्यक्ष तुलसी ने कहा कि पाकिस्तान ने अमेरिका में 9/11 हमलों के लिए जिम्मेदार बिन लादेन को तो शरण दी ही, उसने उस आतंकवादी को भी रिहा कर दिया जिसे पकड़ने पर अमेरिका ने एक करोड़ डॉलर के ईनाम की घोषणा की है.
सईद की रिहाई मूर्खतापूर्ण
उन्होंने कहा, ‘ मास्टरमाइंड था, जिसमें छह अमेरिकियों समेत सैकड़ों लोग मारे गए.’ उन्होंने एक अन्य ट्वीट में विश्व में आतंकवाद को फैलाने के लिए सऊदी अरब की निंदा करते हुए कहा कि यह भी कम मूर्खतापूर्ण नहीं है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने सऊदी अरब के लिए अमेरिका का समर्थन बढ़ा दिया है, जबकि सऊदी अरब विश्वभर में अतिवादी वहाबी सलाफी विचारधारा को फैला रहा है, आईएसआईएस और अलकायदा जैसे आतंकवादी समूहों को मदद दे रहा है और आतंकवाद को हराने की केवल बातें कर रहा है.
पाकिस्तान के खिलाफ उठाए जाएं कड़े कदम
इस बीच, एक शीर्ष अमेरिकी थिंक टैंक ‘कौंसिल ऑन फोरेन रिलेशंस’ के प्रमुख रिचर्ड हास ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़े कदम उठाने की अपील की और कहा, ‘‘पाकिस्तान वर्षों से आतंकवादियों को शरण देता रहा है और . यह रहस्य है कि उसके साथ बड़े गैर-नाटो सहयोगी की तरह व्यवहार क्यों जाता है और उसे यह दर्जा क्यों दिया जाता है जबकि वास्तविकता इसके विपरीत है.’