ग्रीनलैंड पर मंडरा रहे संकट के बादल हटे नहीं हैं. व्हाइट हाउस में ग्रीनलैंड और अमेरिकी मंत्रियों के बीच हुई मीटिंग से कुछ ठोस नहीं निकल पाया है. इस मीटिंग पर ट्रंप ने भी टिप्पणी की है. ट्रंप का कहना है कि रूस-चीन से ग्रीनलैंड की रक्षा का दावा कर रहा डेनमार्क वक्त आने पर कुछ नहीं कर पाएगा.
दरअसल, आज ग्रीनलैंड और डेनमार्क के विदेश मंत्री व्हाइट हाउस पहुंचे थे. यहां US के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रुबियो से उनकी मीटिंग हुई. मीटिंग पर ग्रीनलैंड के भविष्य पर चर्चा हुई. ग्रीनलैंड को जबरन अमेरिका में मिलाने पर तुले ट्रंप के बयानों पर बात हुई. डेनमार्क, जिसका ग्रीनलैंड फिलहाल हिस्सा है उसने ट्रंप के बयानों पर आपत्ति भी जताई.
व्हाइट हाउस में मीटिंग के बाद ग्रीनलैंड की विदेश मंत्री विवियन मोट्ज़फेल्ट ने पत्रकारों से कहा कि अमेरिका के साथ सहयोग बढ़ाया जा सकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि ग्रीनलैंड अमेरिका का हिस्सा बनना चाहता है. उन्होंने कहा कि ग्रीनलैंड ने अपनी सीमाएं साफ कर दी हैं और सभी के हित में यही है कि सही रास्ता निकाला जाए.
हाईलेवल वर्किंग ग्रुप बनेगा
वहीं डेनमार्क के विदेश मंत्री लार्स लोक्के रासमुसेन ने कहा कि अमेरिका, डेनमार्क और ग्रीनलैंड ने मिलकर एक हाईलेवल वर्किंग ग्रुप बनाने का फैसला किया है. यह समूह इस बात पर काम करेगा कि आगे बढ़ने का कोई साझा रास्ता निकाला जा सके.
उन्होंने कहा कि ग्रीनलैंड के भविष्य को लेकर ट्रंप प्रशासन के साथ अब भी मूलभूत मतभेद बने हुए हैं. ग्रीनलैंड डेनमार्क का एक स्वशासित क्षेत्र है और इसी मुद्दे पर तीनों पक्षों के बीच सहमति बनाने की कोशिश की जाएगी.
रासमुसेन ने आगे कहा कि बैठक सकारात्मक रही और इसमें सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई. उन्होंने यह भी कहा कि चीन या रूस से फिलहाल कोई ऐसा तात्कालिक खतरा नहीं है, जिसे उनका देश संभाल न सके.
ट्रंप बोले- अमेरिका बहुत कुछ कर सकता है, डेनमार्क नहीं
व्हाइट हाउस में हुई मीटिंग से इतर ट्रंप दूसरे कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे थे. यहां उनसे व्हाइट हाउस में ग्रीनलैंड और डेनमार्क के अधिकारियों के साथ हुई पहले की बैठक को लेकर सवाल पूछा गया. इस पर ट्रंप ने कहा कि ग्रीनलैंड राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बहुत अहम है, डेनमार्क की सुरक्षा के लिए भी. उन्होंने कहा कि अगर रूस या चीन ग्रीनलैंड पर कब्जा करना चाहें, तो डेनमार्क कुछ खास नहीं कर पाएगा, लेकिन अमेरिका बहुत कुछ कर सकता है.
ट्रंप ने यह भी कहा कि वह इस भरोसे नहीं रह सकते कि डेनमार्क खुद अपनी सुरक्षा कर पाएगा.
उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका के डेनमार्क के साथ बहुत अच्छे रिश्ते हैं. ट्रंप ने कहा, 'अब देखते हैं आगे क्या होता है, लेकिन हमें इसकी जरूरत है.' बाद में उन्होंने जोड़ा, 'मुझे लगता है कोई न कोई हल निकल आएगा.'
इससे कुछ देर पहले ही ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर कहा था कि अमेरिका ग्रीनलैंड को लेकर रहेगा, क्योंकि ग्रीनलैंड के बिना गोल्डन डोम का अमेरिकी लक्ष्य पूरा नहीं हो पाएगा. ट्रंप ने कहा कि इससे कम कुछ भी मंजूर नहीं है.