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पाकिस्तान-ईरान की स्ट्राइक को लेकर मुस्लिम और ताकतवर देशों ने क्या कहा? जानें- कौन किसके साथ

ईरान और पाकिस्तान के बीच उत्पन्न हुए हालिया तनाव पर चीन ने दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की है. वहीं, रूस ने कहा है कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एससीओ के दो मित्रवत देश, जिनके साथ हमारी मजबूत साझेदारी और संबंध है, उनके बीच यह सब हो रहा है.

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 पाकिस्तान-ईरान की लड़ाई को लेकर मुस्लिम और ताकतवर देशों ने क्या कहा?
पाकिस्तान-ईरान की लड़ाई को लेकर मुस्लिम और ताकतवर देशों ने क्या कहा?

ईरान की ओर से की गई एयरस्ट्राइक के दो दिन बाद ही पाकिस्तान ने भी पलटवार करते हुए ईरान के प्रांत में एयरस्ट्राइक कर दी. पाकिस्तान की ओर से 'जैसे को तैसा' तर्ज पर दी गई प्रतिक्रिया पर दुनिया भर के प्रमुख देश और वहां के नेता प्रतिक्रिया दे रहे हैं.

चीन ने जहां दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की है. वहीं, अमेरिका ने इस हालिया तनाव के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया है. जबकि भारत ने यह कहते हुए अपनी स्थिति को तटस्थ रखा है कि यह पाकिस्तान और ईरान का आपसी मसला है.

ईरान ने मंगलवार को पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में एयरस्ट्राइक की थी. ईरान की ओर से कहा गया कि उसने ईरान के क्षेत्र में घुसपैठ की तैयारी कर रहे एक आतंकवादी समूह के खिलाफ कार्रवाई की है. ये आतंकवादी रास्क में आपराधिक और आतंकवादी हमले को अंजाम देने की योजना बना रहे थे.

वहीं, पाकिस्तान ने भी पलटवार करते हुए गुरुवार को ईरान के क्षेत्र में छिपे आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन मार्ग बार सरमाचर लॉन्च कर दिया. रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान की इस कार्रवाई में 9 गैर-ईरानी नागरिकों की जान चली गई.

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चीन ने संयम बरतने की अपील की

ईरान और पाकिस्तान के बीच उत्पन्न हुए इस हालिया तनाव पर चीन ने दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की है. चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग ने जोर देते हुए कहा है कि अंतरराष्ट्रीय संबंधों को बुनियादी मानदंडों और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों के आधार पर हल करने की जरूरत है.

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग ने यह भी कहा कि चीन का मानना है कि दो देशों के बीच अंतरराष्ट्रीय संबंधों को संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय सिद्धांतों के आधार पर हल किया जाना चाहिए. इसके अलावा सभी देशों की संप्रभुता, स्वतंत्रता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान और संरक्षण किया जाना चाहिए. 

अमेरिका ने ईरान को ठहराया जिम्मेदार

अमेरिका ने पाकिस्तान में की गई एयरस्ट्राइक के साथ-साथ इराक और सीरिया में भी ईरानी हमलों की निंदा की है. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा है कि हालिया विवाद से यह पता चलता है कि ईरान की अपने क्षेत्र में किसी से नहीं बन रही है. ईरान को इस क्षेत्र में बिल्कुल पसंद नहीं किया जाता है. मुझे नहीं पता कि यह स्थिति किस ओर जाएगी.

वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने कहा है कि अमेरिका इन हमलों की निंदा करता है. हमने पिछले कुछ दिनों में ईरान को अपने तीन पड़ोसियों की संप्रभु सीमाओं का उल्लंघन करते हुए देखा है. संदर्भ बहुत मायने रखता है. एक तरफ ईरान आतंकवाद को बढ़ावा देता है. दूसरी तरफ यह दावा करता है कि आतंकवाद से मुकाबला करने के लिए पाकिस्तान में हमला किया है. 

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तुर्की

तुर्की ने भी ईरान, इराक और पाकिस्तान से संयम बरतने की अपील की है. तुर्की के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी करते हुए कहा है, "हमारा मानना है कि इस तरह की समस्याओं का समाधान दूसरे देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करते हुए दोस्ती और भाईचारे की समझ से किया जाना चाहिए. " 

इसके अलावा, तुर्की के विदेश मंत्री हकन फिदान ने ईरान और पाकिस्तान के विदेश मंत्री से भी फोन पर बात की. उन्होंने कहा कि दोनों देश क्षेत्र में तनाव नहीं बढ़ाना चाहते हैं. फिदान ने यह भी कहा कि तुर्की ने दोनों देशों से जल्द से जल्द शांति बहाल करने के लिए कहा है. 
 
अफगानिस्तान ने भी दी प्रतिक्रिया

अफगानिस्तान की सत्ता पर काबिज तालिबान के विदेश मंत्री ने बयान जारी करते हुए कहा है कि दोनों पड़ोसी देशों को बातचीत और कूटनीति के माध्यम से इन समस्याओं का हल करना चाहिए.

रूस ने क्या कहा?

रूस के विदेश मंत्रालय ने ईरान और पाकिस्तान से अधिक से अधिक संयम दिखाने और कूटनीति के माध्यम से अपने मतभेदों को हल करने की अपील की है. 

रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने एक बयान जारी करते हुए कहा है कि दोनों देश शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) का हिस्सा हैं, जिसे स्थापित करने में रूस ने मदद की थी. जिनके साथ हम साझेदारी और संबंध बढ़ाते हैं. लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एससीओ के दो मित्रवत देशों के बीच यह हो रहा है.

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जखारोव ने आगे कहा कि इस क्षेत्र में स्थिति का और अधिक बिगड़ना उन लोगों के हाथों में है जो शांति, स्थिरता और सुरक्षा में कोई दिलचस्पी नहीं रखते हैं. 

रूस ने आगे कहा है कि किसी भी दूसरे देश के संप्रभु क्षेत्र पर कोई भी आतंकवाद विरोधी अभियान उस देश के अधिकारियों के साथ समझौते और एक दूसरे के समन्वय में किया जाना चाहिए.

यूरोपीय यूनियन ने क्या कहा?

यूरोपीय यूनियन ने कहा है कि यह बहुत ही चिंताजनक है कि पाकिस्तान और ईरान एक दूसरे के क्षेत्र में हमला कर रहे हैं. यूरोपीय यूनियन मिडिल ईस्ट और उसके आस-पास के क्षेत्रों में हिंसा बढ़ने से चिंतित है. ईयू के प्रवक्ता पीटर स्टैने ने आगे कहा कि पाकिस्तान, ईराक और ईरान में हो रहे हमले इन देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन है. इसका उन क्षेत्रों में अस्थिर प्रभाव भी पड़ता है. 
 

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