ईरान के साथ जारी जंग के बीच अमेरिका के ट्रंप प्रशासन को टैरिफ के मुद्दे पर कोर्ट ने बड़ा झटका दिया था. अमेरिकी इंटरनेशनल ट्रेड कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से लगाए गए 10 फीसदी टैरिफ को अवैध बताते हुए खारिज कर दिया था. इसे लेकर अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. ट्रंप ने कहा है कि अगर सुप्रीम कोर्ट अपने इस विवादित फैसले एक वाक्य जोड़ देता कि अमेरिका को दिया गया कोई भी पैसा वापस नहीं किया जाएगा, तो अमेरिका के 159 अरब डॉलर बच सकते थे. उन्होंने इसे लेकर ट्रूथ सोशल पर भी लंबा-चौड़ा पोस्ट लिखा है.
राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा है कि मुझे जस्टिस नील गोरसच से प्यार है. वह बहुत समझदार और अच्छे इंसान हैं, लेकिन टैरिफ के मुद्दे पर मेरे और हमारे देश के खिलाफ गए. उन्होंने इस फैसले को विनाशकारी कदम बताते हुए सवालिया लहजे में लिखा है कि इसे कैसे समझूं? यह हमारे देश के लिए बहुत खराब और दुखद है. ट्रंप ने एमी कोनी बैरेट का उल्लेख करते हुए लिखा कि उनका सम्मान करता रहा हूं, लेकिन उनके साथ भी वही बात हुई. उनको मैंने ही नियुक्त किया था, फिर भी एमी ने देश को इतना नुकसान पहुंचाया.
ट्रंप ने तंज करते हुए कहा है कि मुझे नहीं लगता कि उनका ऐसा इरादा था, लेकिन टैरिफ पर उनके फैसले की वजह से अमेरिका को उन देशों, दुश्मनों, लोगों और कंपनियों को 159 अरब डॉलर वापस करने पड़ेंग, जो हमें वर्षों से लूटते रहे हैं. यह विश्वास करना मुश्किल है. उन्होंने कहा कि इस स्थिति को एक छोटे से वाक्य के जरिये हल किया जा सकता था- अमेरिका को दिया गया कोई भी पैसा वापस नहीं किया जाएगा. ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा है कि कोर्ट ने ऐसा नहीं किया.
उन्होंने आगे कहा है कि सुप्रीम कोर्ट में रिपब्लिकन की ओर से नामित कुछ जजों के रहते अब डेमोक्रेट्स को कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने यानी कोर्ट पैक करने की जरूरत ही नहीं है. वास्तव में, अब तो मुझे ही कोर्ट पैक करने की इच्छा होनी चाहिए. ट्रंप ने कहा है कि मेक अमेरिका ग्रेट अगेन के लिए इतनी मेहनत कर रहा हूं और फिर जिन लोगों को नियुक्त किया, उन लोगों ने ही हमारे देश और उसके लोगों के प्रति इतना कम सम्मान दिखाया. उन्होंने कहा कि इसकी वजह क्या है? उन्हें सही काम करने चाहिए, लेकिन उस व्यक्ति के प्रति भी वफादार रहना चाहिए जिसने उनको सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस तक पहुंचाया.
हमेशा वफादार रहते हैं डेमोक्रेट जज- ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि डेमोक्रेट जज हमेशा उन लोगों के प्रति वफादार रहते हैं, जिन्होंने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया. मामला अच्छा हो या खराब, वे नहीं डगमगाते. उन्होंने कहा कि रिपब्लिकन जज खुद को स्वतंत्र या सुप्रीम दिखाने के लिए मेरे ही खिलाफ जाने की कोशिश करते हैं. ट्रंप ने कहा कि भारी बहुमत से चुना गया. पॉपुलर वोट जीता. सभी सात स्विंग स्टेट्स जीते. इलेक्टोरल कॉलेज में बड़ी जीत हासिल की और अमेरिका की 86 प्रतिशत काउंटियों में जीत दर्ज की. लोगों को देश की मदद के लिए चुनता हूं, नुकसान पहुंचाने के लिए नहीं.
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उन्होंने कहा है कि हाल ही में जो देखा, उसके आधार पर जब इतिहास का पहला राष्ट्रपति बना जिसने सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही में हिस्सा लिया. कोर्ट ने राष्ट्रपति पद के सम्मान में इस तथ्य को स्वीकार तक नहीं किया. ट्रंप ने कहा कि अब कोर्ट जन्म के आधार पर नागरिकता के मुद्दे पर भी हमारे खिलाफ फैसला देने जा रहा है, जिससे हम इस अस्थिर और असुरक्षित व्यवस्था को जारी रखने वाला एकमात्र देश बन जाएंगे. उन्होंने कहा कि मुझे अपने लिए नहीं, लेकिन देश के लिए वफादारी की उम्मीद जरूर रहती है.
इतने बड़े फैसले ज्यादा समय नहीं झेल सकता देश- ट्रंप
राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में यह भी कहा है कि मेरे पास टैरिफ लागू करने का एक और तरीका है, लेकिन वह उस तरीके की तुलना में कहीं ज्यादा धीमा और कठिन है जिसे अवैध बताया गया. उन्होंने कोर्ट के फैसले में असहमति वाले तीन मतों का उल्लेख करते हुए कहा कि शायद नील और एमी का दिन खराब रहा होगा, लेकिन हमारा देश इतने बड़े फैसलों को ज्यादा समय तक नहीं झेल सकता. व्यवस्था टूट जाएगी, बिखर जाएगी. ट्रंप ने कहा है कि कभी-कभी फैसलों में अच्छे, मजबूत और सामान्य समझ-बूझ को मार्गदर्शक बनने देना चाहिए.
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उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में यह भी कहा है कि अगर जन्म के आधार पर नागरिकता के मामले में भी नकारात्मक फैसला आता है, तो यह अमेरिका की अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा नहीं होगा. इससे पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक अन्य पोस्ट कर दावा किया कि हमने बेलारूस और रूस की हिरासत से पोलैंड के तीन, मोल्दोवा के दो कैदियों की रिहाई सुनिश्चित कराई है. गौरतलब है कि अमेरिकी कोर्ट ने व्यापार अधिनियम 1974 की धारा 122 के तहत 10 फीसदी टैरिफ को अनुचित बताते हुए इसे रद्द कर दिया था.