अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से दुनियाभर के मुल्कों पर लगाए गए टैरिफ को लेकर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का फैसला जल्द ही आने वाला है. इस बीच ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सुप्रीम कोर्ट ये फैसला सुनाता है कि उनके पास बड़े पैमाने पर टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं है, तो अमेरिका 'बर्बाद' हो जाएगा.
उन्होंने कहा कि सरकार को पहले से इकट्ठा किए गए पैसे वापस करने में मुश्किल होगी. अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि टैरिफ वापस करना पूरी तरह से गड़बड़ होगा और इसमें सैकड़ों अरबों या खरबों डॉलर भी खर्च हो सकते हैं. उन्होंने लिखा, 'ये पूरी तरह से गड़बड़ होगा और हमारे देश के लिए भुगतान करना लगभग नामुमकिन होगा.'
ट्रंप की इस पोस्ट को सुप्रीम कोर्ट पर दबाव बनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है. ट्रंप कई बार सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए चेतावनी देते रहे हैं कि टैरिफ हटाने से सरकार पर बहुत ज्यादा बोझ पड़ेगा.
टैरिफ पर ट्रंप ने क्या तर्क दिया है?
टैरिफ को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक लंबी पोस्ट लिखी है. इसमें उन्होंने टैरिफ हटने पर भुगतान को लेकर चेतावनी देते हुए कहा, 'ये शायद मुमकिन न हो लेकिन अगर ऐसा होता है तो ये इतने ज्यादा डॉलर होंगे कि ये पता लगाने में कई साल जाएंगे कि हम किस नंबर की बात कर रहे हैं और यहां तक कि किसे, कब और कहां पेमेंट करना है.'
उन्होंने कहा कि इंपोर्टर्स को सीधे रिफंड देने से कहीं ज्यादा नुकसान होगा. उनका इशारा उन कंपनियों और देशों की तरफ था, जिन्होंने टैरिफ से बचने के लिए भारी निवेश किया था. ट्रंप ने कहा, 'जो असल रकम हमें वापस चुकानी होगी, वो कई सौ अरब डॉलर होगी.' साथ ही ये भी कहा कि फैक्ट्रियों, प्लांट्स और इक्विपमेंट में निवेश से कुल लागत खरबों डॉलर तक पहुंच सकती है.
ट्रंप ने टैरिफ को नेशनल सिक्योरिटी टूल बताया और चेतावनी दी कि अगर सुप्रीम कोर्ट सरकार के खिलाफ फैसला सुनाता है तो इसका अंजाम बुरा होगा. उन्होंने कहा, 'अगर सुप्रीम कोर्ट इस नेशनल सिक्योरिटी बोनान्जा पर अमेरिका के खिलाफ फैसला सुनाता है, तो हम बर्बाद हो जाएंगे!'
आने वाला है सुप्रीम कोर्ट का फैसला
टैरिफ को लेकर सुप्रीम कोर्ट का फैसला बुधवार तक आ सकता है. इसमें कोर्ट ये तय करेगा कि क्या ट्रंप के पास इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) नाम के नेशनल सिक्योरिटी कानून के जरिए टैरिफ लगाने का अधिकार है.
ट्रंप के कई टैरिफ इसी कानून के तहत लगाए गए हैं. हालांकि, निचली अदालतों ने पहले ही इन टैरिफ को गैर-कानूनी करार दिया है. अगर सुप्रीम कोर्ट इस फैसले को पलट देता है, तो अमेरिका को IEEPA के तहत लगाए गए टैरिफ से मिले रेवेन्यू का पैसा वापस करना पड़ सकता है.