वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पत्नी समेत आधी रात बेडरूम से उठवा लेना, फिर ग्रीनलैंड पर कब्जे की धमकी देना...ईरानी शासन को बार-बार हस्तक्षेप की चेतावनी देना, मैक्सिको, कोलंबिया को डराना...ये सब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ही कर सकते हैं. ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल में पूरी दुनिया इधर से उधर कर रखी है और अब उन्होंने साफ सिग्नल भी दे दिया है कि 'अपुन ही भगवान है'.
ट्रंप ने अंतरराष्ट्रीय नियम-कानूनों की धज्जियां उड़ाते हुए वेनेजुएला के खिलाफ कार्रवाई की है और अब कह भी रहे हैं कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय कानून की जरूरत नहीं है. ट्रंप ने कहा है कि उनकी शक्तियों पर केवल एक ही व्यक्ति रोक लगा सकता है और वो व्यक्ति ट्रंप खुद हैं.
न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए एक नए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि वो अमेरिका के राष्ट्रपति हैं और इस पद के साथ आने वाली ताकत को एक चीज रोक सकती है, 'मेरी अपनी नैतिकता, मेरा अपना दिमाग. यही एक चीज है जो मुझे रोक सकती है.'
लेकिन ट्रंप ने साथ ही कहा कि, 'मैं लोगों को नुकसान पहुंचाने की नहीं सोच रहा हूं.'
अंतरराष्ट्रीय कानून के पालन को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने माना कि उनकी सरकार को ऐसा करना चाहिए, लेकिन फिर ट्रंप ने कहा, 'यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप अंतरराष्ट्रीय कानून को कैसे परिभाषित करते हैं.'
ट्रंप ने यह बयान ऐसे समय में दिया है जब उनका प्रशासन ग्रीनलैंड पर कब्जा करने के विकल्पों पर विचार कर रहा है. इंटरव्यू के दौरान ट्रंप ने ग्रीनलैंड के स्वामित्व के महत्व पर भी जोर दिया.
ट्रंप ने डेनमार्क के स्वायत्त क्षेत्र ग्रीनलैंड के संबंध में कहा, 'स्वामित्व बहुत महत्वपूर्ण है. मनोवैज्ञानिक रूप से सफलता के लिए यही जरूरी होता है. स्वामित्व वह चीज देता है जो लीज या संधि से नहीं मिल सकती. किसी डॉक्यूमेंट पर साइन करने से वो तत्व हासिल नहीं होते जो स्वामित्व से मिलते हैं.'
ट्रंप ने इस बात को भी खारिज किया कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हटाने का उनका फैसला चीन और रूस के लिए मिसाल बनेगा. चीन ताइवान पर कब्जा चाहता है और रूस यूक्रेन पर नियंत्रण... माना जा रहा है कि ट्रंप के वेनेजुएला के खिलाफ कार्रवाई से दोनों देशों को बढ़ावा मिलेगा.
लेकिन ट्रंप ऐसा नहीं मानते. वेनेजुएला पर अमेरिकी हमलों को सही ठहराते हुए ट्रंप ने अपने विवादास्पद दावे दोहराए कि मादुरो ने कथित तौर पर अमेरिका में ड्रग्स गिरोह के लोगों को भेजा था.
उन्होंने कहा, 'हमारे लिए यह एक वास्तविक खतरा था… चीन में लोग नहीं परेशान थे, न ही वहां ड्रग्स आ रहे थे. हमारे साथ जो बुरी चीजे हुईं, वैसी वहां नहीं थीं. ताइवान की जेलें नहीं खोली गई थीं और लोग चीन में नहीं आ रहे थे. रूस में भी कोई अपराधी नहीं जा रहा था.'
ट्रंप ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ताइवान पर कब्जा करेंगे. उन्होंने न्यूयॉर्क टाइम्स से कहा, 'यह इस पर निर्भर करता है कि वो क्या करने वाले हैं. लेकिन मैंने उनसे यह साफ कर दिया है कि अगर उन्होंने ऐसा किया तो मुझे बहुत दुख होगा और मुझे नहीं लगता कि वो ऐसा करेंगे. मुझे उम्मीद है कि वो ऐसा नहीं करेंगे. हो सकता है कि वो किसी दूसरे राष्ट्रपति के कार्यकाल में ऐसा करें, लेकिन मुझे नहीं लगता कि मेरे राष्ट्रपति रहते हुए वो ऐसा करेंगे.'