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'कोकीन तस्कर' को व्हाइट हाउस क्यों बुला रहे ट्रंप? फोन पर एक घंटे बात भी की

कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हाल ही में हुई बातचीत में ड्रग तस्करी और वेनेजुएला जैसे संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा हुई. ट्रंप ने पहले पेट्रो को 'बीमार आदमी' कहकर धमकाया था, लेकिन अब उन्होंने पेट्रो को अच्छा इंसान बताया और व्हाइट हाउस में उनसे मिलने जा रहे हैं.

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ट्रंप और पेट्रो के बीच सुलह हो गई है और दोनों जल्द ही मिलने वाले हैं (Photo: AFP/X/Reuters)
ट्रंप और पेट्रो के बीच सुलह हो गई है और दोनों जल्द ही मिलने वाले हैं (Photo: AFP/X/Reuters)

कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो से बात करना मेरे लिए बड़े सम्मान की बात थी. उन्होंने फोन कर ड्रग्स समेत कई मुद्दों पर बात की जिनपर हमारे बीच असहमति है.' अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कोलंबिया के राष्ट्रपति पेट्रो से बातचीत की जानकारी दुनिया के सामने कुछ इस सम्मानजनक तरीके से रखी. ये वही ट्रंप हैं जिन्होंने कुछ दिनों पहले ही पेट्रो को बुरी तरह धमकाया था और उन्हें Sick Man यानी बीमार आदमी कहा था.

लेकिन ट्रंप कब क्या कर दें, कब अपनी कही से पलट जाएं इसका कोई भरोसा नहीं. कल तक वो जिस पेट्रो को 'कोकीन तस्कर' बताते फिर रहे थे, अब उसे ही व्हाइट हाउस बुला रहे हैं. उन्होंने फोन पर पेट्रो से एक घंटे बात भी की है.

उन्होंने अब पेट्रो को अच्छा इंसान बताते हुए अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर लिखा, 'मैं उनकी कॉल और उनके लहजे की सराहना करता हूं. मैं जल्द ही उनसे मिलने की उम्मीद करता हूं.'

ट्रंप ने लिखा कि पेट्रो से उनकी आगामी बैठक व्हाइट हाउस में आयोजित की जाएगी. ट्रंप ने इससे पहले वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उनके आवास से उठवा लिया था. बीते हफ्ते मादुरो की गिरफ्तारी के ऑपरेशन के ठीक बाद ट्रंप ने कोलंबियाई राष्ट्रपति को भी धमकाया था और उनके खिलाफ भी सैन्य कार्रवाई का संकेत दिया था.

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कोकीन बनाकर अमेरिका भेज रहे हैं पेट्रो

उन्होंने अपने आधिकारिक विमान एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा था, 'कोलंबिया बहुत बीमार है. वहां एक बीमार व्यक्ति शासन चला रहा है जिसे कोकीन बनाना और उसे अमेरिका को बेचना पसंद है. लेकिन वो यह काम ज्यादा समय तक नहीं कर पाएगा...'

लेकिन अब लगता है कि ट्रंप और पेट्रो में सुलह हो गई है. बुधवार देर शाम ट्रंप की धमकियों के खिलाफ पेट्रो के प्रति अपना समर्थन जताने के लिए हजारों के संख्या में कोलंबियाई जमा हुए थे. उन्हें संबोधित करते हुए पेट्रो ने कहा कि उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप से करीब एक घंटे तक बातचीत की है.

कोलंबिया के कुछ नेताओं ने ही पेट्रो के खिलाफ ट्रंप को बरगलाया

बोगोटा के डाउनटाउन इलाके में जुटी भीड़ को संबोधित करते हुए पेट्रो ने बताया कि बातचीत के दौरान उन्होंने दो मुद्दों पर चर्चा की- वेनेजुएला और ड्रग तस्करी का सवाल. इससे कुछ ही मिनट पहले, पेट्रो के कहने पर प्रदर्शनकारी अमेरिका विरोधी नारे लगा रहे थे.

पेट्रो ने कहा कि कोलंबिया के कुछ नेता, जिनके कथित तौर पर नार्को-तस्करी से संबंध हैं, उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति को पेट्रो के रिकॉर्ड को लेकर गुमराह किया ताकि ट्रंप को उनके खिलाफ किया जा सके.

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उन्होंने कहा, 'यही लोग इस संकट के लिए जिम्मेदार हैं, फिलहाल इसे कूटनीतिक कह लें या मौखिक कह लें जो अमेरिका और कोलंबिया के बीच पैदा हुआ है.'

ट्रंप से बातचीत के बाद पेट्रो ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट भी किया जिसमें उन्होंने कहा कि उनका मानना है कि अरबों डॉलर के अमेरिकी निवेश के सहारे अमेरिका इस क्षेत्र के साथ ऊर्जा के क्षेत्र में साझेदारी कर सकता है, लेकिन अमेरिका को लैटिन अमेरिका को सिर्फ तेल के स्रोत के रूप में इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.

पेट्रो ने अपने पोस्ट के साथ एक जगुआर और गंजे बाज (बाल्ड ईगल) को एक-दूसरे को गले लगाते हुए दिखाने वाली तस्वीर भी शेयर की है. कोलंबियाई राष्ट्रपति हाल के महीनों में बार-बार चेतावनी देते रहे हैं कि अगर अमेरिका ने कोलंबिया पर हमले किए तो इससे 'जगुआर जाग उठेगा.' जगुआर कोलंबिया की शक्ति का प्रतीक है.

पेट्रो के प्रति अचानक नरम क्यों हो गए ट्रंप?

ट्रंप का अब अचानक पेट्रो के प्रति नरम रुख अपनाना इसलिए भी चौंकाने वाला है क्योंकि कोलंबिया के राष्ट्रपति ने वेनेजुएला में अमेरिकी ऑपरेशन की कड़ी निंदा की थी. उन्होंने यह भी कहा था कि यह कार्रवाई 'गुलाम बनाने वालों' ने की है और इसे मौत के तमाशे के रूप में पेश किया. इसकी तुलना उन्होंने 1937 में स्पेन के गुएर्निका पर नाजी जर्मनी की बमबारी से की थी.

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कोलंबिया लंबे समय से लैटिन अमेरिका में अमेरिका के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में रहा है और विदेशों में अमेरिका की ड्रग्स विरोधी रणनीति का एक अहम स्तंभ रहा है. तीन दशकों से अमेरिका, दुनिया के सबसे बड़े कोकीन उत्पादक देश कोलंबिया के साथ मिलकर ड्रग तस्करों की गिरफ्तारी, विद्रोही समूहों से निपटने और ग्रामीण इलाकों में आर्थिक विकास को बढ़ावा देने में सहयोग करता रहा है.

इसके बावजूद, अमेरिका और कोलंबिया के बीच तनाव काफी बढ़ गया था. ट्रंप प्रशासन ने अक्टूबर में पेट्रो, उनके परिवार और उनकी सरकार के एक सदस्य पर वैश्विक ड्रग कारोबार में शामिल होने के आरोपों को लेकर प्रतिबंध लगाए थे. कोलंबिया को दुनिया के कोकीन कारोबार का केंद्र माना जाता है.

इससे पहले सितंबर में, न्यूयॉर्क में एक फिलिस्तीन समर्थक रैली के दौरान पेट्रो ने अमेरिकी सैनिकों से ट्रंप के आदेशों को न मानने का आह्वान किया था. उनके इस आह्वान के बाद पेट्रो का अमेरिकी वीजा रद्द कर दिया गया था.

उसी महीने अमेरिका ने कहा था कि कोलंबिया अब ड्रग्स के खिलाफ युद्ध में उसका सहयोगी नहीं रहा है, हालांकि लंबे समय से चले आ रहे सुरक्षा सहयोग समझौतों को बरकरार रखा गया.
ट्रंप प्रशासन ने अक्टूबर में पेट्रो और उनकी पत्नी पर व्यक्तिगत प्रतिबंध भी लगाए और कोलंबियाई राष्ट्रपति पर ड्रग तस्कर होने का आरोप लगाया.

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