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चीन ने दो देशों संग पड़ोसी मुल्क के 'जामताड़ा' पर बोला हमला, ढहा दी गईं 454 इमारतें, सैकड़ों को किया डिपोर्ट

म्यांमार का ये इलाका जुआरियों और ऑनलाइन फ्रॉड का अड्डा था. यहां पर चीन, म्यांमार और थाईलैंड के शातिर बदमाश अड्डा लगाते थे और लोगों को ठगते थे. इसके बारे में इन तीन देशों को कई महीनों से शिकायतें मिल रही थीं. इसके बाद तीनों देशों ने संयुक्त एक्शन लिया.

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म्यांमार के के के पार्क में 454 इमारतों को ध्वस्त किया गया है. (Photo: MPS Criminal Investigation Bureau)
म्यांमार के के के पार्क में 454 इमारतों को ध्वस्त किया गया है. (Photo: MPS Criminal Investigation Bureau)

चीन, म्यांमार और थाईलैंड की एजेंसियों ने साइबर फ्रॉड के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई की है. म्यांमार के म्यावद्दी क्षेत्र में जुआ और ऑनलाइन धोखाधड़ी के खिलाफ उठाए गए इस एक्शन में म्यामांर के केके पार्क में 494 इमारतें ध्वस्त कर दी गईं, जबकि याताई न्यू सिटी में फ्रॉड फैलाने वाले इलाके को पूरी तरह से साफ कर दिया गया.

म्यांमार के इस एरिया की तुलना आप भारत के झारखंड में मौजूद साइबर ठगी के लिए बदनाम 'जामताड़ा' से कर सकते हैं. जो कुछ समय पहले तक भारत में डिजिटल फ्रॉड का अड्डा था. हालांकि सख्त पुलिसिया कार्रवाई के बाद यहां अब हालात ठीक होने लगे हैं. 

म्यांमार में हुए इस ऑपरेशन के दौरान 952 चीनी संदिग्ध नागरिकों प्रत्यर्पित कर चीन वापस भेज दिया गया. यह जानकारी चीन के सार्वजनिक सुरक्षा मंत्रालय के आपराधिक जांच ब्यूरो के वीचैट अकाउंट पर गुरुवार को दी गई. 

इस ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए चीन के पब्लिक सिक्योरिटी विभाग ने एक टास्क फोर्स भेजा था. ये टास्क फोर्स म्यांमार और थाईलैंड की कानून प्रवर्तन अधिकारियों के साथ म्यावद्दी में ऑपरेशन में शामिल हुआ. तीनों देशों ने समन्वय करके जुआ और धोखाधड़ी क्षेत्रों पर छापेमारी की और कार्रवाई की. 

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चीन का कहना है कि यहां जुए का अड्डा था. टेलीकॉम धोखाधड़ी क्षेत्रों में अपराधी गिरोह लंबे समय से चीनी नागरिकों को ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार बना रहे थे, इससे गंभीर नुकसान हो रहा था. 

इस साल के शुरुआत में चीन, म्यांमार और थाईलैंड ने टेलीकॉम और ऑनलाइन धोखाधड़ी से निपटने के लिए मंत्रिस्तरीय समन्वय तंत्र स्थापित किया था, जिसके तहत कई दौर की संयुक्त कार्रवाइयां की गईं. चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स के अनुसार अक्टूबर से म्यांमार के अधिकारियों ने चीन और थाईलैंड के साथ पूर्व समझौतों के अनुसार म्यावद्दी और अन्य क्षेत्रों में एक्शन लेना शुरू किया. इस दौरान संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया और जुआ-धोखाधड़ी  के अड्डों को ध्वस्त किया गया.

15 दिसंबर को तीनों देशों के पुलिस बलों ने पहली बार म्यावद्दी के केके पार्क, याताई न्यू सिटी और अन्य बड़े जुआ-धोखाधड़ी पार्कों में संयुक्त रूप से निरीक्षण किया. उन्होंने ये जायजा लिया कि संयुक्त कार्रवाई कितनी प्रभावशाली हो सकती है.

इसके बाद 16 से 19 दिसंबर तक यहां तीनों की एजेंसियों ने कार्रवाई की. इस दौरान ऑनलाइन फ्रॉड और जुएं के इस अड्डे को मटियामेट कर 454 इमारतों को गिरा दिया गया. कार्रवाई के बाद चीन के जिलिन और हेनान प्रांतों की पुलिस इकाइयों को गिरफ्तार संदिग्धों को चीन वापस लाने का निर्देश दिया गया. तीनों देशों के संयुक्त प्रयासों से इस साल म्यावद्दी में ऑनलाइन जुआ और टेलीकॉम धोखाधड़ी में शामिल 7,600 से अधिक चीनी नागरिकों को वापस लाया गया है. 

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इस अभियान में केके पार्क की 494 इमारतें ध्वस्त की गईं और याताई न्यू सिटी में फ्रॉड क्षेत्र को पूरी तरह साफ कर दिया गया. चीन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि टेलीकॉम और ऑनलाइन धोखाधड़ी अंतरराष्ट्रीय समुदाय की साझा चुनौती है. 

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