चीन में एक 10 महीने के बच्चे के साथ दरिंदगी का मामला सामने आया है. उस नन्ही जान के शरीर पर लगभग 600 सुई चुभोए गए हैं. और हैरान करने वाली बात ये है कि ये दरिंदगी किसी और ने नहीं बल्कि उसकी अपनी ही मां ने की है.
हॉन्गकॉन्ग स्थित वेबसाइट साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट (SCMP) के मुताबिक, यह मामला दक्षिण-पश्चिमी चीन का है जहां सुइयां चुभोए जाने के बाद खराब हालत में दूधमुंहे बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. बच्चे के शरीर पर सुई चुभोने के सैकड़ों निशान पाए गए. आरोप है कि बच्चे की मां ने ही उसे बार-बार सुई से गोदा.
बच्चे के इलाज से जुड़ा एक वीडियो हाल ही में सोशल मीडिया पर सामने आया, जिसे 'स्पाइन सर्जन डॉ. सुई वेनयुआन' नाम के एक यूजर ने पोस्ट किया. सुई वेनयुआन शंघाई जियाओ तोंग यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन से संबद्ध शिन्हुआ अस्पताल के स्पाइन सेंटर में वरिष्ठ डॉक्टर हैं.
सजा के तौर पर सुई चुभोती थी मां
वीडियो में डॉक्टर सुई ने बताया कि यह भयावह मामला उनके सामने एक बाल रोग परामर्श के दौरान आया. पिछले साल 16 दिसंबर को 10 महीने के एक बच्चे को बुखार और झटकों की शिकायत के साथ युन्नान प्रांत के पुआर शहर के मोझियांग काउंटी स्थित पीपुल्स हॉस्पिटल के बाल रोग विभाग में भर्ती कराया गया था.
जांच के दौरान डॉक्टरों को पता चला कि जब भी बच्चा शरारत करता था या उसे सर्दी-खांसी या बुखार होता था, उसकी मां जिसका सरनेम दाओ बताया गया है, सजा के तौर पर उसके शरीर में सुई चुभोकर खून निकालती थी. वो घरेलू उपचार के तौर पर भी ऐसा करती थी. डॉक्टर के अनुमान के मुताबिक, बच्चे को 500 से 600 बार सुई चुभोई गई हो सकती है.
दाओ ने जूते की सिलाई में इस्तेमाल होने वाली सुई भी बच्चे की गर्दन में डाल दी थी. सुई टूट गई और उसका एक सिरा बच्चे की गर्दन की रीढ़ में फंस गया. इसके बाद बच्चे को अस्पताल लाया गया और सुई निकालने के लिए सर्जरी करनी पड़ी.
बच्चे के शरीर पर हर जगह थे सुई चुभोने के घाव
बच्चे की गर्दन, सिर, पैरों और धड़ पर सुई चुभने के कई निशान और काले पपड़ी जैसे घाव देखे गए. सर्जरी इसलिए भी मुश्किल थी क्योंकि माता-पिता को सुई के सही आकार और उसमें कांटे होने या न होने की जानकारी नहीं थी. डॉक्टरों के मुताबिक, अगर सुई गलत दिशा में निकाली जाती तो आसपास के ऊतकों को गंभीर नुकसान हो सकता था.
डॉ. सुई ने बताया कि सभी जरूरी जांचें पूरी करने के बाद उसी दिन सर्जरी की गई जो कि सफल रही. बच्चे को तेज बुखार था, जिसकी एक वजह सुई में जंग लगना भी हो सकती है. ऑपरेशन के तीन-चार दिन बाद उसका तापमान सामान्य हो गया और उसे आईसीयू से बाहर शिफ्ट कर दिया गया.
जांच में सामने आई ये बात
21 जनवरी को इस मामले में सार्वजनिक सुरक्षा ब्यूरो, स्वास्थ्य आयोग, नागरिक मामलों के विभाग और महिला महासंघ की एक संयुक्त जांच टीम ने आधिकारिक बयान जारी किया. जांच में यह नतीजा निकला कि बच्चे के शरीर पर मौजूद सुई के घाव उसकी मां ने ही दिए थे. मां ने बच्चे का इलाज खुद करने के इरादे से 'सुई चुभाने' वाली विधि अपनाई थी.
जांच में यह भी कहा गया कि दाओ कम पढ़ी-लिखी है और उसे किसी तरह की वैज्ञानिक जानकारी नहीं है. उसमें भावनात्मक तनाव और चिंता के लक्षण भी पाए गए. चीन में बाल उत्पीड़न के खिलाफ कानून मौजूद हैं, लेकिन यह साफ नहीं है कि दाओ के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई हुई है या नहीं.
इस घटना के सामने आने के बाद चीन के सोशल मीडिया पर गुस्सा फूट पड़ा है. एक यूजर ने लिखा, 'यह बेहद डरावना है. आज के दौर में कोई इतना क्रूर कैसे हो सकता है.' एक अन्य यूजर ने कहा, 'यह बच्चा बहुत बदकिस्मत है कि ऐसे परिवार में पैदा हुआ. उसे अब उसके माता-पिता के पास नहीं रहने देना चाहिए.'