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लरिजानी डेड, सुलेमानी का सफाया... इजरायल के दावे पर ईरान ने पेश की 'हाथ से लिखी' सफाई

ईरान पर घातक हमलों की सीरीज में इजरायल ने बड़े कमांडरों को निशाना बनाने का दावा है. ये वैसे सैन्य ऑफिसर थे जो अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान का राजनीतिक और मिलिट्री लीडरशिप संभाल रहे थे. लेकिन इजरायल के दावे पर ईरान ने हाथ से लिखा एक पोस्ट जारी किया है. इस पोस्ट ने भ्रम और बढ़ा दिया है.

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तेहरान में इजरायली हमले के बाद मलबा साफ करते वर्कर. (Photo: AP)
तेहरान में इजरायली हमले के बाद मलबा साफ करते वर्कर. (Photo: AP)

पश्चिम एशिया में चल रही लड़ाई में इजरायल ने ईरान की मिलिट्री कमांड पर तगड़ा प्रहार किया है. इजरायल ने 12 घंटे में तीन बड़े टारगेटेड अटैक किए हैं. इजरायल का दावा है कि इन हमलों ने ईरान डिफेंस और प्लानिंग क्षमता को निर्णायक रूप से चोट पहुंचाया है. इजरायल की सेना IDF ने दावा किया है कि उसके हमले में अली खामेनेई के सलाहकार अली लरिजानी की मौत हो गई. दूसरा हमला कमांडर सुलेमानी पर हुआ. इजरायल का दावा है कि घोलामरेजा सुलेमानी को एक टारगेट कर मारा गया. तीसरा और निर्णायक आक्रमण ईरानी नेवी पर फोकस रहा. 

यह युद्ध के 18वें दिन की सबसे बड़ी घटना है. ईरान का नेतृत्व पहले ही सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद पहले से गहरे संकट से जूझ रहा है. 

इजरायली रक्षा मंत्री इस्राएल काट्ज ने इन मौतों की पुष्टि की, और इसे "ईरान की कमान को कमजोर करने का निर्णायक कदम" बताया. 

पहला प्रहार: अली लरिजानी पर मिडनाइट स्ट्राइक

इजरायली सेना का कहना है कि अली खामेनेई की हत्या के बाद लरिजानी ने ईरान के डी-फैक्टो यानी कि असली नेता बन गए थे. 

IDF का कहना है, "सालों तक लरिजानी को ईरानीशासन के नेतृत्व में सबसे वरिष्ठ और अनुभवी हस्तियों में से एक माना जाता था, और वे अली खामेनेई के करीबी थे."

ईरान के पूर्व नेता अली खामेनेई के सलाहकार अली लरिजानी. (File Photo)

हाल ही में कुद्स डे रैली में लरिजानी ने अमेरिका-इजरायल को खुली चुनौती दी थी. इसके बाद इजरायल उनकी तलाश में था.  

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इजरायल ने कहा कि, "लरिजानी ने ईरानी आतंकी शासन के असली नेता के तौर पर अपनी स्थिति मजबूत की, और इजरायल तथा इस क्षेत्र के अन्य देशों के खिलाफ लड़ाई का नेतृत्व किया."

ईरान ने लरिजानी की मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. बल्कि लरिजानी के सोशल मीडिया पर हाथों से लिखा एक मैसेज शेयर हुआ है. जिसे कुछ लोग  उनके जीवित होने की गवाही मान रहे हैं. 

इस मैसेज में लरिजानी ने ईरानी नौसैनिकों की मौत पर अपनी प्रतिक्रिया लिखी है. और इसे "अंतर्राष्ट्रीय दमनकारियों" के खिलाफ संघर्ष के दौरान एक साहसी राष्ट्र के शहादत का हिस्सा बताया है. उन्होंने कहा कि मारे गए लोगों की याद ईरानी लोगों के दिलों में हमेशा जिंदा रहेगी. 

दूसरा प्रहार: बसिज कमांडर घोलामरेजा सुलेमानी का सफाया

पिछले 12 घंटे में इजरायल का दूसरा प्रहार बसिज फोर्स के कमांडर घोलामरेजा सुलेमानी पर था. बसिज फोर्स IRGC की पैरामिलिट्री यूनिट है जो  आंतरिक विरोध को कुचलने के लिए जानी जाती है.  बसिज ईरान की घरेलू सुरक्षा का मजबूत आधार है, और इसके प्रमुख का मारा जाना आंतरिक स्थिरता पर गहरा असर डाल सकता है. यह हमला ईरान की दमनकारी मशीनरी को कमजोर करने का हिस्सा माना जा रहा है. 

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सुलेमानी ने 1982 में IRGC जॉइन किया था और ईरान-इराक युद्ध में वॉर वेटरन रहे.  बाद में वह अलग अलग ब्रिगेड्स में कमांडर रहे. बसिज प्रमुख के रूप में वे 2019 के विरोध प्रदर्शनों में हिंसक दमन के लिए जिम्मेदार माने जाते हैं. इसके कारण अमेरिका और यूरोपीय संघ ने उनपर प्रतिबंध लगाया. 

तीसरा प्रहार: ईरान की नेवी पर हमला

तीसरा और सबसे महत्वपूर्ण प्रहार ईरान की नौसेना पर था. इजरायल ने तेहरान में नए हमलों में IRGC Navy के तेहरान हेडक्वार्टर को निशाना बनाया. IDF ने पुष्टि की कि IRGC Navy का मुख्यालय ध्वस्त कर दिया गया है. यह एक महत्वपूर्ण प्रहार है, क्योंकि यह IRGC Navy की कमान संरचना को प्रभावित करता है.

अमेरिकी और इजरायली हमलों की वजह से ईरान में अबतक 1300 से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं. जबकि लेबनान में 850 लोग मारे गए हैं. 
लेबनानी सरकार के अनुसार इजरायल के हमलों के कारण 10 लाख से ज़्यादा लोग विस्थापित हो गए हैं. इजरायल के कुछ सैनिक दक्षिणी लेबनान में घुस गए हैं, और इस बात का डर है कि इजरायल बड़े पैमाने पर हमले की तैयारी कर रहा है. 

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