अमेरिका ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी कार्रवाई को तेज करते हुए अल-कायदा की दक्षिण एशिया शाखा AQIS के डिप्टी हेड आतिफ याह्या गौरी पर 10 मिलियन डॉलर (करीब 84 करोड़ रुपए) का इनाम घोषित किया है. यह इनाम उसके ठिकाने, नेटवर्क या गतिविधियों से जुड़ी पुख्ता जानकारी देने वालों को दिया जाएगा.
संयुक्त राज्य अमेरिका का विदेश विभाग ने बयान जारी कर कहा है कि आतिफ याह्या गौरी 'अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट' (AQIS) का डिप्टी अमीर है. यह संगठन दक्षिण एशिया से पश्चिमी प्रभाव को खत्म कर सख्त सुन्नी इस्लामी कानून के तहत एक एकीकृत इस्लामी अमीरात स्थापित करने की कोशिश कर रहा है.
बताया गया है कि 'अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट' की स्थापना साल 2014 में अयमान अल-जवाहिरी के निर्देश पर की गई थी. शुरुआत में इस शाखा के पहले प्रमुख आसिम उमर थे, जबकि आतिफ याह्या गौरी ने उनके डिप्टी के तौर पर काम किया. इसके बाद में नेतृत्व में बदलाव के बाद उसको अहम जिम्मेदारी दी गई.

इससे पहले जनवरी 2015 में अमेरिकी ड्रोन हमले में अहमद फारूक की मौत के बाद आतिफ याह्या गौरी को डिप्टी अमीर नियुक्त किया गया था. इस्लामाबाद में जन्मे और इंटरनेशनल इस्लामिक यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट आतिफ याह्या गौरी लंबे समय से आतंकी संगठन के अलग-अलग ऑपरेशन्स में सक्रिय रहा है.
AQIS कई बड़े आतंकी हमलों में शामिल रहा है. इनमें फरवरी 2015 में ढाका में एक अमेरिकी-बांग्लादेशी जोड़े पर कुल्हाड़ी से हमला और अप्रैल 2016 में यूएस एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट (USAID) की एक कर्मचारी और उसके साथी की हत्या शामिल है. 2015 में एक हमले में अमेरिकी नागरिक की मौत हो गई थी.
अमेरिकी विदेश विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि उनके पास आतिफ याह्या गौरी से जुड़ी कोई भी विश्वसनीय जानकारी है, तो वे सामने आएं. जानकारी देने के लिए सिगनल, टेलीग्राम और व्हाट्सऐप जैसे माध्यमों का इस्तेमाल किया जा सकता है. जानकारी देने वालों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी.