अफगानिस्तान (Afghanistan) पर कब्जे के बाद तालिबान (Taliban) ने दुनिया के सामने खुद की एक बेहतर छवि रखने की कोशिश की है. लेकिन इसके बावजूद भी तालिबान का असली चेहरा हर किसी के सामने आ ही रहा है. बुधवार को अफगानिस्तान के नांजरघर प्रांत में तालिबानियों द्वारा गोलियां बरसाई गईं. इसी दौराना जलालाबाद में तालिबानियों ने स्थानीय पत्रकारों (Journalists) को भी पीटा.
दरअसल, जलालाबाद में बीते दिन स्थानीय लोगों द्वारा तालिबान के खिलाफ प्रदर्शन किया गया. यहां पर लोग तालिबान के झंडे का विरोध कर रहे थे और तालिबानियों द्वारा अफगानिस्तान का झंडा उतारे जाने के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे.
There is no freedom of speech in regime, You rais your voice you die. are crying-simply just for covering a protest in city. This is how journalists beaten up and are treated by the Taliban now in .
— Panjshir_Province (@PanjshirProvin1)
इसी के बाद तालिबानियों द्वारा पहले हवाई फायरिंग की गई और बाद में सड़कों पर गोलियां बरसाई गई. इस दौरान जलालाबाद में काफी भगदड़ मची. अब जलालाबाद में तालिबानियों द्वारा पत्रकारों को पीटे जाने की बात सामने आई है.
आपको बता दें कि तालिबान ने पूरे देश में अब अपने झंडे लगाने शुरू कर दिए हैं, जो कि सफेद झंडा है. सभी सरकारी दफ्तरों पर भी अब अफगानिस्तान का राष्ट्रीय ध्वज हटाकर तालिबान का ही झंडा लगाया जा रहा है.
सामने आ रहा है तालिबान का असली चेहरा
तालिबान द्वारा लगातार दुनिया को भरोसा दिलाया जा रहा है कि वह हर किसी का सम्मान करेगा और किसी को भी उससे खतरा नहीं है. लेकिन जलालाबाद में गोलीबारी के अलावा भी बीते दिनों में कई ऐसी चीज़ें सामने आई हैं, जिन्होंने तालिबान के असली चेहरे को सामने रखा है.
तालिबान द्वारा अफगानिस्तान की पहली महिला गवर्नर को पकड़ लिया गया, इसके अलावा कई इलाकों में लूटपाट की खबरें भी सामने आई हैं. बता दें कि तालिबान ने काबुल पर कब्जा कर लिया है, इसके बाद अब वह सरकार बनाने की ओर कदम बढ़ा रहा है. माना जा रहा है कि कुछ ही दिनों में तालिबान अपनी नई सरकार का ऐलान कर देगा.