पश्चिम बंगाल के गवर्नर सीवी आनंद बोस ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उनके इस्तीफे की वजहों का पता नहीं चल पाया है. इस्तीफा देने के बाद वे दिल्ली रवाना हो गए हैं. सीवी आनंद बोस 3.5 वर्षों से पश्चिम बंगाल के राज्यपाल थे. इस्तीफा देने के बाद उन्होंने पीटीआई से बात करते हुए कहा है कि 'मैंने राजभवन में पर्याप्त समय गुजार लिया है.'
बता दें कि पश्चिम बंगाल में इसी वर्ष अप्रैल-मई में चुनाव होने को हैं. इस बीच ये घटनाक्रम सामने आया है.
सीवी आनंद बोस केरल के कोट्टायम के रहने वाले हैं. उनके पिता स्वतंत्रता सेनानी पी.के. वासुदेवन नायर थे. वे नेताजी सुभाष चंद्र बोस के अनुयायी थे. इसलिए उनके नाम में 'बोस' जोड़ा गया.
वह 1977-बैच के रिटायर्ड भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी हैं. उन्हें 23 नवंबर 2022 को पश्चिम बंगाल का राज्यपाल बनाया गया. वह भारतीय जनता पार्टी के सदस्य हैं. आनंद बोस ने सरकार के सचिव के पद पर कार्य किया है. भारत के मुख्य सचिव और विश्वविद्यालय के कुलपति भी रहे हैं. वह संयुक्त राष्ट्र के साथ परामर्शदात्री स्थिति में पर्यावास गठबंधन के अध्यक्ष हैं और संयुक्त राष्ट्र पर्यावास शासी परिषद के सदस्य थे. राज्यपाल बोस ने शिक्षा, वन और पर्यावरण, श्रम और सामान्य प्रशासन जैसे कई मंत्रालयों में जिला कलेक्टर और प्रमुख सचिव और अतिरिक्त मुख्य सचिव के रूप में काम किया है.
ममता ने जताई हैरानी
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सीवी आनंद बोस के इस्तीफ़ की अचानक आई खबर पर हैरानी जताई है. उन्होंने कहा कि मैं हैरान और बहुत परेशान हूं.
उनके इस्तीफ़े के पीछे की वजहें मुझे अभी पता नहीं हैं. हालांकि मौजूदा हालात को देखते हुए मुझे हैरानी नहीं होगी अगर आने वाले राज्य विधानसभा चुनावों से ठीक पहले गवर्नर पर केंद्रीय गृह मंत्री ने कुछ राजनीतिक फायदे के लिए दबाव डाला हो.
ममता बोलीं- आर.एन. रवि को पश्चिम बंगाल का गवर्नर बनाया जा रहा
ममता बनर्जी ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री ने अभी मुझे बताया कि आर.एन. रवि को पश्चिम बंगाल का गवर्नर बनाया जा रहा है. उन्होंने इस बारे में तय रिवाज के मुताबिक मुझसे कभी सलाह नहीं ली.
सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि ऐसे काम भारत के संविधान की भावना को कमज़ोर करते हैं और हमारे फेडरल स्ट्रक्चर की बुनियाद पर ही हमला करते हैं. केंद्र को कोऑपरेटिव फेडरलिज़्म के सिद्धांतों का सम्मान करना चाहिए और ऐसे एकतरफा फैसले लेने से बचना चाहिए जो लोकतांत्रिक रिवाजों और राज्यों की गरिमा का हनन करते हैं.
लद्दाख के एलजी ने भी दिया इस्तीफा
इस बीच लद्दाख के एलजी कविंदर गुप्ता ने भी इस्तीफा दे दिया है. सूत्रों के हवाले से खबर कई राज्यों के उपराज्यपाल और राज्यपाल इस्तीफा देंगे. कई राज्यों में राज्यपालों को बदला जा सकता है और कुछ राज्यों में नए राज्यपाल और उपराज्यपालों की नियुक्ति की सूची जल्दी राष्ट्रपति भवन से जारी होगी.