बिहार के वैशाली जिले में जमीन विवाद ने हिंसक रूप ले लिया. हाजीपुर के बिदुपुर थाना क्षेत्र स्थित रहिमापुर गांव में दो पक्षों के बीच लंबे समय से चल रहे भूमि विवाद को लेकर जमकर गोलीबारी हुई. इस घटना में एक महिला समेत चार लोग घायल हो गए, जबकि फायरिंग की आवाज सुनकर एक बुजुर्ग की हार्ट अटैक से मौत हो गई.
घटना के बाद पूरे गांव में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया. गोली चलने की आवाज सुनते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण अपने घरों से बाहर निकल आए. इलाके में तनाव बढ़ने की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया.
जानकारी के मुताबिक, विवादित जमीन को लेकर दोनों पक्षों के बीच कई वर्षों से कानूनी लड़ाई चल रही थी. बुधवार को इसी जमीन पर निर्माण कार्य के दौरान दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और देखते ही देखते विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया.
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भूमि विवाद के दौरान चली गोलियां
घायल पक्ष के अनुसार, निर्माण कार्य के दौरान दूसरे पक्ष के लोग बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे और विवाद शुरू हो गया. कुछ ही देर में मामला इतना बढ़ गया कि दोनों ओर से फायरिंग होने लगी. इससे पूरे इलाके में भगदड़ जैसे हालात बन गए.
गोलीबारी में तेज नारायण सिंह की पत्नी गीता देवी को गोली लग गई. इसके अलावा तेज नारायण सिंह और उनके भतीजे जयचंद्र को पिस्तौल की बट और लाठी-डंडों से पीटकर घायल कर दिया गया. वहीं, दूसरे पक्ष के शिव कुमार के भी गोली लगने की सूचना है.
घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत हाजीपुर सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है. डॉक्टरों की निगरानी में सभी घायलों की हालत पर नजर रखी जा रही है.
फायरिंग की आवाज सुनकर बुजुर्ग की गई जान
इस घटना का सबसे दुखद पहलू गांव के 65 वर्षीय राजदेव सिंह की मौत रही. बताया जा रहा है कि गोलीबारी की तेज आवाज और अचानक पैदा हुए तनावपूर्ण माहौल को देखकर उन्हें हार्ट अटैक आ गया.
परिजनों के अनुसार, राजदेव सिंह अपने घर के पास मौजूद थे. फायरिंग की आवाज सुनते ही उनकी तबीयत बिगड़ गई. आनन-फानन में उन्हें संभालने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी.
बुजुर्ग की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया. गांव में भी शोक और दहशत का माहौल फैल गया. स्थानीय लोग घटना के बाद से काफी सहमे हुए हैं.
1989 से चल रहा है जमीन का विवाद
घायल तेज नारायण सिंह ने बताया कि जमीन को लेकर विवाद कोई नया नहीं है. उनके मुताबिक यह मामला वर्ष 1989 से अदालत में चल रहा था. करीब छह महीने पहले न्यायालय ने उनके पक्ष में फैसला सुनाया था और उन्हें डिग्री मिली थी.
तेज नारायण सिंह का आरोप है कि कोर्ट के फैसले के बाद वे अपने दलान का निर्माण कार्य करा रहे थे. इसी दौरान मनीष कुमार करीब 50 लोगों के साथ वहां पहुंचा और फायरिंग शुरू कर दी. उन्होंने दावा किया कि हमलावरों ने कई राउंड गोलियां चलाईं.
उनका आरोप है कि बदमाशों ने न सिर्फ फायरिंग की बल्कि मारपीट भी की. उन्होंने यह भी कहा कि हमलावर खुलेआम पुलिस को खरीदे होने जैसी बातें कह रहे थे, जिससे लोगों में और अधिक भय का माहौल बन गया.
पांच खोखे और जिंदा कारतूस मिलने का दावा
घायल पक्ष का कहना है कि घटना के दौरान 10 से अधिक राउंड फायरिंग की गई. गोलीबारी की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि घटनास्थल से पांच खोखे और एक जिंदा कारतूस बरामद होने की बात सामने आ रही है.
पीड़ित परिवार ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं. उनका आरोप है कि सूचना दिए जाने के बावजूद पुलिस करीब एक घंटे बाद मौके पर पहुंची. इस दौरान गांव में तनाव लगातार बढ़ता रहा.
हालांकि, पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है. अधिकारियों का कहना है कि सभी आरोपों की जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
पुलिस जांच पर टिकीं निगाहें
भूमि विवाद को लेकर हुई इस हिंसक घटना ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में बढ़ते जमीन संबंधी विवादों और कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. वर्षों पुराने विवाद किस तरह अचानक हिंसक रूप ले सकते हैं, यह घटना उसका ताजा उदाहरण बन गई है.
फिलहाल गांव में पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है और हालात पर नजर रखी जा रही है. पुलिस घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है और फायरिंग में शामिल लोगों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है.
वैशाली के रहिमापुर में हुई इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है. एक तरफ चार लोग अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ एक बुजुर्ग की मौत ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया है. अब सभी की नजर पुलिस जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई है.