पश्चिम बंगाल के बारानगर नगरपालिका के वार्ड नंबर 14 से टीएमसी पार्षद शांतनु मजूमदार उर्फ मेजो को पुलिस ने मंगलवार रात रंगदारी वसूलने के आरोप गिरफ्तार कर लिया. शांतनु के साथ उनके भाई सागर मजूमदार को भी बाली थाने की पुलिस ने गिरफ्तार किया है. दोनों भाइयों पर आरोप है कि उन्होंने अपने पहचान के लोगों को एक महिला के घर में किरायेदार के तौर पर रखवाया और बाद में महिला मकान मालिक से पैसे वसूले. पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आरोपों को लेकर शांतनु और सागर से पूछताछ कर रही है.
पुलिस के मुताबिक, एक महिला ने शांतनु पर जबरन वसूली के आरोप लगाए हैं. शिकायत के मुताबिक शांतनु ने एक किराएदार को जबरन स्थानीय महिला के घर में रहने के लिए मजबूर किया. इससे विवाद उत्पन्न हुआ. बाद में, विवाद को सुलझाने के लिए एक मध्यस्थता बैठक बुलाई गई. महिला का आरोप है कि इसके पीछे भी शांतनु की साजिश थ. इसके बाद महिला ने पुलिस से संपर्क किया. पुलिस की सलाह पर उसने थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने शांतनु और उनके भाई को गिरफ्तार कर लिया.
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पुलिस ने बताया कि विधानसभा चुनाव से पहले भी तृणमूल पार्षद पर अशांति फैलाने का आरोप लग चुका है. शांतनु पर 2024 में बारानगर विधानसभा उपचुनाव के दिन सीपीएम उम्मीदवार तन्मय भट्टाचार्य पर हमला करने का भी आरोप लगा था. बारानगर निवासी रीता रॉय ने आरोप लगाया कि शांतनु ने उनके फ्लैट के किरायेदारों से संबंधित समस्याओं को सुलझाने के नाम पर उनसे कई बार पैसे लिए थे. महिला के मुताबिक शांतनु ने 2024 और 2026 के बीच किश्तों में उनसे 70,000 रुपये लिए. इसके अलावा, महिला ने टीएमसी पार्षद पर अपने फ्लैट में जबरन किरायेदार बसाने के भी आरोप लगाए हैं.
महिला की शिकायत मिलने के बाद बैरकपुर पुलिस ने कार्रवाई की और 24 घंटे के भीतर ही आरोपी टीएमसी पार्षद को गिरफ्तार कर लिया. शांतनु के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 333, 308(5), 351(3) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है. बता दें कि पश्चिम बंगाल में अभी भारतीय न्याय संहिता लागू नहीं हुआ है. राज्य की नई भाजपा सरकार ने बीएनएस लागू करने की पहल शुरू कर दी है.