पश्चिम बंगाल में पहली बार भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने सरकार बना ली है. शुभेंदु अधिकारी की अगुवाई में सरकार बनाने के साथ ही प्रशासनिक स्तर पर बड़े बदलावों का दौर भी शुरू हो गया है. सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी सुब्रत गुप्ता को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का सलाहकार नियुक्त किया गया है. पश्चिम बंगाल के ही रहने वाले सुब्रत गुप्ता 1990 बैच के सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी हैं, जिनका कैडर भी पश्चिम बंगाल ही था.
सुब्रत गुप्ता को चुनाव आयोग ने उन्हें हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनाव में विशेष चुनाव पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी सौंपी थी. उनकी देखरेख में ही सूबे में वोटर लिस्ट के विशेष पुनरीक्षण की प्रक्रिया संपन्न हुई थी. वह लेफ्ट से लेकर टीएमसी के शासन में अहम विभागों की जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं. अपने सेवाकाल में सुब्रत गुप्ता को अलग-अलग 27 विभागों की जिम्मेदारी संभालने का अनुभव है.
सुब्रत गुप्ता केंद्र सरकार में भी अहम पदों पर रहे हैं. अक्टूबर, 2024 में केंद्र सरकार में उनको खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय का सचिव नियुक्त किया गया था. सुब्रत गुप्ता मई 2025 में सेवानिवृत्त हुए थे. सुब्रत गुप्ता आईआईटी खड़गपुर के छात्र रहे हैं और उन्होंने लंदन से एमबीए की डिग्री भी हासिल की है. उन्होंने वाम मोर्चा सरकार के दौरान पश्चिम बंगाल औद्योगिक विकास निगम (WBIDC) के प्रबंध निदेशक के रूप में सिंगूर में नैनो कार परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाई थी.
सुब्रत गुप्ता ने बाद में कोलकाता मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (केएमआरसीएल) का नेतृत्व भी किया. सुब्रत गुप्ता साल 2012-13 में केएमआरसीएल के प्रमुख थे. उनकी अगुवाई में ही कोलकाता मेट्रो ने देश की पहली अंडर वाटर परियोजना पर काम शुरू किया था. इस परियोजना पर जब हावड़ा मैदान से काम शुरू हुआ था, तब सुब्रत गुप्ता ही केएमआरसीएल के प्रबंध निदेशक थे. ममता बनर्जी की अगुवाई वाली सरकार पर यह आरोप लगते रहे हैं कि सुब्रत गुप्ता को केएमआरसीएल का प्रबंधन निदेशक रहते उतना सहयोग नहीं मिला, जितना मिलना चाहिए था.
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ममता बनर्जी की सरकार पर सुब्रत गुप्ता की उपेक्षा के आरोप भी लगे थे. आरोप लगे कि सरकार ने सुब्रत गुप्ता को राज्य बागवानी और खाद्य प्रसंस्करण जैसे कम महत्व के विभाग में भेज दिया और उनसे जूनियर अधिकारियों को अधिक महत्वपूर्ण विभाग दिए गए. साल 2020 से करीब तीन साल तक सुब्रत गुप्ता को राज्य बागवानी, खाद्य प्रसंस्करण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी के साथ ही जैव प्रौद्योगिकी जैसे विभागों में तैनाती दी गई. इसे लेकर पश्चिम बंगाल की नौकरशाही में असंतोष और विवाद की स्थिति भी बनी थी.
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सुब्रत गुप्ता को बाद में केंद्र सरकार ने अहम जिम्मेदारियां दी थीं. अब पश्चिम बंगाल में सरकार गठन के बाद सुब्रत गुप्ता को मुख्यमंत्री का सलाहकार नियुक्त किया गया है. सुब्रत गुप्ता की नियुक्ति के संबंध में अधिसूचना भी जारी हो गई है. यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से प्रभावी हो गई है. सुब्रत गुप्ता पश्चिम बंगाल की अलग-अलग सरकारों में अहम प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं.