पश्चिम बंगाल में एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां अपनी मां की अंतिम इच्छा पूरी करने वाले एक शिक्षक और सामाजिक कार्यकर्ता को अंग बेचने के आरोप में तीन दिन जेल में रहना पड़ा. बाद में कोर्ट में सही दस्तावेज पेश किए जाने के बाद उन्हें जमानत मिल गई.
जानकारी के अनुसार अमीर चंद शेख ने अपनी मां राबेया शेख की मौत के बाद उनकी कॉर्निया सरकारी अस्पताल को दान कर दी थी. बताया गया कि उनकी मां ने जीवित रहते हुए अपनी आंखें दान करने की इच्छा जताई थी. हालांकि कुछ लोगों ने पुलिस में शिकायत कर दी कि वह अपनी मां के शरीर के अंग बेच रहे हैं. इसी शिकायत के आधार पर पुलिस ने उन्हें और उनके परिवार के चार अन्य सदस्यों, जिनमें उनकी पत्नी भी शामिल थीं उन्हें गिरफ्तार कर लिया.
अंग बेचने का आरोप
बताया जा रहा है कि 8 फरवरी को उनकी मां का निधन हुआ था. बाद में उन्होंने उनकी इच्छा के अनुसार कॉर्निया दान कराया. जब यह मामला कोर्ट में पहुंचा तो अमीर चंद शेख ने सरकारी अस्पताल को कॉर्निया दान से जुड़े दस्तावेज कोर्ट में पेश किए. इसके बाद कृष्णानगर कोर्ट ने सभी आरोपियों को 2000 रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी.
कॉर्निया डोनेट करने वाले शिक्षक को लगा अंग बेचने का आरोप
जेल से बाहर आने के बाद अमीर चंद शेख ने कहा कि उन्होंने अपनी मां की अंतिम इच्छा पूरी की है. उन्होंने बताया कि उनकी मां भले ही पढ़ी-लिखी नहीं थीं, लेकिन जब वह मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए अस्पताल गई थीं, तब उन्होंने आंख दान से जुड़े पोस्टर देखे थे. इसके बाद उन्होंने अपनी आंखें दान करने की इच्छा जताई थी.
अमीर चंद शेख ने कहा कि वह खुद सामाजिक कार्य से जुड़े हैं और उन्हें अपनी मां के फैसले पर गर्व है. वहीं उनकी पत्नी ने जमानत मिलने के बाद भावुक होते हुए कहा कि उनके परिवार के साथ जो हुआ उसके लिए उन्हें न्याय चाहिए.