UP News: संभल जिले की धनारी थाना पुलिस ने 'यादव जी की लव स्टोरी' फिल्म के प्रोड्यूसर संदीप तोमर, डायरेक्टर अंकित भड़ाना, अभिनेत्री प्रगति तिवारी और अभिनेता विशाल मोहन के खिलाफ बीएनएस की धारा 353 (2) के तहत मुकदमा दर्ज किया है. यह कार्रवाई 27 फरवरी को रिलीज होने वाली फिल्म के खिलाफ यादव समाज और राजनीतिक दलों के भारी विरोध प्रदर्शन के बाद की गई है.
अरविंद यादव की तहरीर पर दर्ज इस मामले में पुलिस ने सभी आरोपियों को जांच में शामिल होने के लिए बीएनएस की धारा 35(B) के तहत नोटिस जारी किया है. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि फिल्म में यादव समाज की संस्कृति को गलत तरीके से पेश कर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास किया गया है.
सपा और बीजेपी ने मिलाया सुर में सुर
फिल्म को लेकर संभल में विरोध की लहर तेज है. समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बहजोई कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर डिप्टी कलेक्टर नीतू रानी को ज्ञापन सौंपा और सिनेमाघरों में फिल्म न चलने देने की चेतावनी दी. वहीं, बीजेपी के पूर्व विधायक अजीत कुमार राजू यादव के नेतृत्व में भी सैकड़ों लोगों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर विरोध दर्ज कराया. विरोध करने वालों का कहना है कि फिल्म की कहानी यादव समाज की लड़कियों पर गलत प्रभाव डालेगी और इससे समाज में नफरत फैलने की आशंका है.
इन्वेस्टिगेशन ज्वाइन करने का नोटिस जारी
विवाद बढ़ता देख पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है. संभल पुलिस अधीक्षक (एसपी) केके बिश्नोई ने पुष्टि की है कि फिल्म से जुड़े चारों मुख्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है. उन्होंने बताया कि सभी को विवेचना में शामिल होने के लिए धारा 35(B) का नोटिस भेजा गया है. एसपी ने कहा कि पुलिस का प्रयास है कि फिल्म की रिलीज से पहले ही जांच पूरी कर ली जाए ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे.
सोशल मीडिया और कंटेंट पर पुलिस की नसीहत
एसपी बिश्नोई ने सख्त लहजे में कहा कि किसी भी ऐसी सामग्री को प्रोड्यूस या सोशल मीडिया पर साझा नहीं किया जाना चाहिए जिससे विभिन्न समुदायों के बीच मनमुटाव होने की संभावना हो. उन्होंने विवेचक को समयबद्ध तरीके से कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. फिलहाल, फिल्म निर्माताओं के लिए मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं क्योंकि रिलीज से पहले ही वे कानूनी शिकंजे में फंस गए हैं.