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न सड़क, न स्कूल और न अस्पताल... बुंदेलखंड का वो गांव जो आजादी के बाद से है बदहाल

UP News: बुंदेलखंड का एक गांव आजादी के बाद से विकास के लिए तरस रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि गांव में न स्कूल, न सड़क, न अस्पताल है. जिसकी वजह से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. कई सरकारें आईं और गईं पर उनकी शिकायत पर किसी ने ध्यान नहीं दिया. अब गांव की महिलाएं अपनी मांगों को पूरा करने के लिए धरने पर बैठी हैं.

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गांव के विकास के लिए धरने पर बैठी महिलाएं
गांव के विकास के लिए धरने पर बैठी महिलाएं

उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड में कई इलाके आर्थिक रूप काफी पिछड़े हैं. जिसकी वजह से यहां रहने वाले लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. बांदा जिले से 15 किलोमीटर दूर गांव राजाराम पुरवा आज भी सरकारी योजनाओं के लिए तरस रहा है. आजादी के बाद से इस गांव में न तो कोई सरकारी स्कूल है और न ही अस्पताल. गांव में अगर कोई बीमार पड़ जाए तो उसे कई किलोमीटर दूर इलाज के लिए ले जाना पड़ता है. कई बार तो लोगों ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया.  

गांव वालों का कहना है कि कई सरकारें आईं और गईं लेकिन इस गांव के हालात आजादी के बाद से जस के तस बने हुए हैं. गांव के लोगों ने कई बार इस मामले को अधिकारियों के सामने उठाया पर अब तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है. अब इस गांव की महिलाएं हाथों में डंडे लेकर धरने पर बैठी हैं.

उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होगीं वह धरने से नहीं उठने वाली. महिलाओं का कहना है कि गांव में अस्पताल न होने से गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ था. बच्चों कोई किलोमीटर दूर पढ़ने के लिए जाना पड़ता है. 

गांव के विकास के लिए धरने पर बैठी महिलाएं
गांव के विकास के लिए धरने पर बैठी महिलाएं

 

गांव के विकास के लिए धरने पर बैठी महिलाएं

गांव के लोगों का कहना है कि ग्राम प्रधान से लेकर जिले के बड़े अफसरों से यहां की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की गुहार लगाई गई. पर उनकी शिकायत का अब तक संज्ञान नहीं लिया गया. इससे परेशान होकर गांव की महिलाएं अब अनिश्चित काल के लिए धरने पर बैठ गई हैं. उनका कहना है कि जब तक हमारी समस्याओं का समाधान नहीं निकलेगा उनका आंदोलन जारी रहेगा. 

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'गरीब गांव में रहते हैं, अफसर घर में सोते हैं'

ग्रामीणों का नारा है 'गरीब गांव में रहते हैं, अफसर घर में सोते हैं'... ऐसे नारों से ग्रामीणों ने CM योगी से सड़क, स्कूल और अस्पताल की मांग की है. इस गांव में करीब 70 परिवार हैं, लगभग 300 से ज्यादा लोग रहते हैं.  करीब 50 से 60 बच्चे शिक्षा से वंचित हो रहे हैं. महिलाए कहती हैं कि 5वीं पीढ़ी बीत रही, आजतक विकास नहीं दिखा. 

ब्लॉक के सहायक विकास अधिकारी (ADO) रमेश कुमार ने बताया, "गांव के लोगों की समस्याओं का संज्ञान में लिया गया है, उच्च अधिकारियों को मामले से अवगत करा दिया गया है. हर हाल में गांव के लोगों की समस्या का समाधान किया जाएगा.  ग्राम प्रधान को लेकर मैं अभी तुरंत गांव जा रहा हूं, उनसे बात करके सभी  समस्याओं का समाधान कराया जाएगा". 
 

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