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ATS को बनाया हाईटेक, 2 बार रहे लखनऊ के SSP... UP के पूर्णकालिक DGP राजीव कृष्णा की दास्तां

उत्तर प्रदेश में 1991 बैच के आईपीएस अधिकारी राजीव कृष्ण को पूर्णकालिक डीजीपी नियुक्त किया गया है. उन्होंने अपने करियर में इलाहाबाद, बरेली, कानपुर, अलीगढ़, फिरोजाबाद, नोएडा और आगरा समेत कई जिलों में अहम जिम्मेदारियां निभाईं. राजीव कृष्ण दो बार लखनऊ के एसएसपी भी रहे. उन्होंने यूपी एटीएस को आधुनिक तकनीक से मजबूत किया और पुलिस भर्ती बोर्ड की विवादित परीक्षा को सफलतापूर्वक संपन्न कराया.

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राजीव कृष्ण कई पदों पर रहे. Photo ITG
राजीव कृष्ण कई पदों पर रहे. Photo ITG

उत्तर प्रदेश पुलिस के डीजीपी बनाए गए राजीव कृष्ण 1991 बैच के आईपीएस अफसर हैं. आईपीएस में सिलेक्शन के बाद राजीव कृष्ण बतौर एएसपी इलाहाबाद बरेली कानपुर अलीगढ़ में एएसपी रहे. एसपी सिटी अलीगढ़ में अक्टूबर 1995 से अगस्त 1996 तक रहे. राजीव कृष्ण का पहला जिला फिरोजाबाद था जहां वह 10 मई 1997 को एसपी फिरोजाबाद बनाए गए. फिरोजाबाद के बाद राजीव कृष्ण इटावा मथुरा फतेहगढ़ बुलंदशहर नोएडा आगरा के एसएसपी रहे.

राजीव कृष्ण अकेले आईपीएस अफसर हैं जो दो बार लखनऊ पुलिस के एसएसपी रहे. 1 दिसंबर 2006 को राजीव कृष्ण लखनऊ के एसएसपी बने और 16 मार्च 2007 तक तैनात रहे. दूसरी बार राजीव कृष्ण को राजधानी की कमान सौंप गई, जब लखनऊ-कानपुर-मेरठ समेत कई बड़े शहरों में डीआईजी की व्यवस्था लागू हुई तो राजीव कृष्ण को लखनऊ की दोबारा कमान सौंपी गई.

मायावती सरकार में बनाए गए डीआईजी
उत्तर प्रदेश में सीरियल ब्लास्ट के बाद तत्कालीन मायावती सरकार ने जब एटीएस बनाने का ऐलान किया तो राजीव कृष्ण को एटीएस का डीआईजी बनाया गया. बतौर डीआईजी एटीएस राजीव कृष्ण ने यूपी एटीएस को आधुनिक संसाधनों और तकनीक से लैस किया.

साल 2012 से 2017 तक भारत सरकार में प्रतिनियुक्ति के दौरान बीएसएफ में तैनात रहे. यूपी लौटे तो राजीव कृष्ण को 21 सितंबर 2017 को मुरादाबाद पुलिस अकादमी का एडीजी बनाया गया. 5 फरवरी 2018 को लखनऊ एडीजी जोन बनाया गया. 

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2021 में आगरा जोन के एडीजी बने
लगभग डेढ़ साल अगस्त 2019 तक लखनऊ जोन का एडीजी रहने के बाद लगभग 2 साल फिर राजीव कृष्ण मुरादाबाद पुलिस अकादमी के एडीजी रहे. फरवरी 2021 में आगरा जोन का एडीजी बनाया गया. 19 अगस्त 2023 को एडीजी विजिलेंस बनाए गए.

भर्ती बोर्ड की कमान मिली
मार्च 2024 में जब उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती व प्रोन्नति बोर्ड के द्वारा करवाई गई सबसे बड़ी सिपाही भर्ती परीक्षा में पेपर लीक हुआ तो सरकार ने भर्ती बोर्ड की कमान राजीव कृष्ण को सौंपी. राजीव कृष्ण ने बतौर डीजी भर्ती बोर्ड न सिर्फ परीक्षा कराई बल्कि परीक्षा करने के साथ-साथ 60244 पदों पर चयनित हुए अभ्यर्थियों का बिना किसी विवाद के रिजल्ट भी जारी किया.

2029 तक का कार्यकाल बाकी
बीते साल 31 मई 2025 को कार्यवाहक डीजीपी प्रशांत कुमार का रिटायरमेंट हुआ तो राजीव कृष्ण को यूपी का कार्यवाहक डीजीपी बनाया गया. कार्यवाहक डीजीपी का कार्यकाल 1 साल पूरा होते ही 31 मई 2026 को राजीव कृष्ण यूपी पुलिस के पूर्णकालिक डीजीपी बनाए गए हैं. राजीव कृष्ण का जून 2029 तक का कार्यकाल बाकी है.

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