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शादी के 14 महीने बाद नेशनल वॉलीबॉल प्लेयर की चली गई याददाश्त, मां ने सुनाई दिल दहला देने वाली सच्चाई

उत्तर प्रदेश के वाराणसी की नेशनल वॉलीबॉल खिलाड़ी प्रिया सरोज शादी के करीब 14 महीने बाद कोमा में मिलीं, जिसके बाद उनकी याददाश्त और बोलने की शक्ति चली गई. मां ने दहेज के दबाव और प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं. परिवार इंसाफ की मांग कर रहा है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गुहार लगा रहा है.

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 प्रिया सरोज प्रतिभाशाली और खेल के प्रति समर्पित थी.(Photo: Brijesh Kumar/ITG)
प्रिया सरोज प्रतिभाशाली और खेल के प्रति समर्पित थी.(Photo: Brijesh Kumar/ITG)

वाराणसी के परमानंदपुर की रहने वाली नेशनल वॉलीबॉल प्लेयर प्रिया सरोज की कहानी आज हर किसी को झकझोर रही है. एक ऐसी खिलाड़ी, जिसने अपने खेल से परिवार और देश का नाम रोशन किया. मगर, आज वह अपनी जिंदगी की सबसे कठिन लड़ाई लड़ रही है. उसकी मां निशा बताती हैं कि हर मां-बाप की तरह उन्होंने भी अपनी बेटी की शादी बड़े सपनों के साथ फरवरी 2024 में वाराणसी के बीएलडब्ल्यू निवासी जेई अमित वर्मा से की थी, ताकि बेटी का जीवन खुशियों से भरा रहे.

शादी के कुछ समय बाद अमित की पोस्टिंग गोरखपुर हो गई और वह प्रिया को अपने साथ ले गया. शुरुआत में सब कुछ सामान्य दिखा, लेकिन धीरे-धीरे हालात बदलने लगे. मां निशा के मुताबिक, शादी के कुछ महीनों बाद ही दामाद ने दहेज को लेकर दबाव बनाना शुरू कर दिया. वह प्रिया की जमीन अपने नाम करने की बात करने लगा. प्रिया ने लंबे समय तक यह बातें अपने परिवार से छुपाकर रखीं, लेकिन समय के साथ सच्चाई सामने आने लगी.

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दहेज का दबाव और बढ़ती प्रताड़ना

निशा बताती हैं कि जब उन्हें हालात का अंदाजा हुआ तो उन्होंने अपने दामाद के माता-पिता से दहेज को लेकर बात की, लेकिन रिश्तेदारों ने इस मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं की. इसके बावजूद अमित का दबाव और प्रताड़ना लगातार बढ़ती रही.

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शादी के करीब 14 महीने बाद एक ऐसा फोन आया जिसने पूरे परिवार को हिला दिया. मां को बताया गया कि उनकी बेटी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है. यह खबर सुनते ही निशा गोरखपुर पहुंचीं, लेकिन वहां जो देखा, उसने उन्हें तोड़ दिया. प्रिया जिंदा थी, लेकिन कोमा में थी. इसके बाद मां अपनी बेटी को अलग-अलग अस्पतालों में लेकर इलाज के लिए भटकती रहीं.

वाराणसी

याददाश्त और आवाज छिन जाने का दर्द

इलाज के दौरान धीरे-धीरे प्रिया की याददाश्त और बोलने की शक्ति चली गई. जो बेटी कभी वॉलीबॉल कोर्ट पर जोश और जुनून से भरी रहती थी, आज अपनी ही पहचान से दूर हो चुकी है.

प्रिया के पड़ोसी और उसके शिक्षक रहे राहुल बताते हैं कि वह बचपन से ही बेहद प्रतिभाशाली और खेल के प्रति समर्पित थी. शादी के बाद वह पूरी तरह टूट गई और उसका पति उसे लगातार प्रताड़ित करता रहा.

आज प्रिया की मां हर दरवाजे पर न्याय की गुहार लगा रही हैं. उनकी एक ही मांग है कि उनकी बेटी को इंसाफ मिले और जो भी दोषी हैं, उन्हें सख्त से सख्त सजा दी जाए.

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रिपोर्ट- बृजेश कुमार.
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