वॉटर मैनेजमेंट और वॉटर कंजर्वेशन के क्षेत्र में बेहतरीन काम करने के लिए उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय जल पुरस्कार से नवाजा गया है. ग्रामीण इलाकों में घर-घर तक नल कनेक्शन पहुंचाने के साथ ही जल संरक्षण और जल प्रबंधन के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम के लिए सर्वश्रेष्ठ राज्यों की श्रेणी में यूपी को देश में दूसरा स्थान मिला है.
नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित पांचवें राष्ट्रीय जल पुरस्कार कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उत्तर प्रदेश को इस उपलब्धि के लिए सम्मानित किया. यूपी की ओर से नमामि गंगे और ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव और आवास आयुक्त डॉ. बलकार सिंह ने राष्ट्रपति से पुरस्कार ग्रहण किया. सर्वश्रेष्ठ राज्य की कैटेगरी में ओडिशा को पहला, जबकि गुजरात और पुडुचेरी को संयुक्त रूप से तीसरा स्थान मिला.
इस मौके पर राष्ट्रपति मुर्मू ने हर घर तक नल से जल पहुंचाने की मुहिम में किए गए कार्यों और और जल संरक्षण की दिशा में किए अभिनव प्रयोगों की तारीफ की. कार्यक्रम के दौरान केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने भी यूपी द्वारा बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र में घर-घर तक नल कनेक्शन पहुंचाने और जल संरक्षण की दिशा में किए गए कार्यों को सराहा.
इस उपलब्धि के लिए मिला पुरस्कार
जल संरक्षण और जल प्रबंधन के साथ-साथ उत्तर प्रदेश ने 2023 में सबसे तेजी से राज्य के 17900 गांवों में हर घर नल से जल पहुंचाने का कीर्तिमान रचा. 2023 में डायरेक्टर ग्राउंड वॉटर और नमामि गंगे सचिव रहते हुए डॉ. बलकार सिंह ने जल संरक्षण और जल प्रबंधन के लिए कई अभिनव प्रयोग किए. जिसका फायदा जल प्रबंधन के साथ-साथ किसानों को सिंचाई में भी मिला. प्रदेश में सिंचाई की व्यवस्था बेहतर करने के लिए कुल 6000 से ज्यादा चेक डैम और 1000 तालाबों का निर्माण किया गया. इसके अलावा जल संरक्षण के लिए 31360 सरकारी भवनों पर रेन वॉटर हार्वेस्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण किया गया. 2022 से 2023 में 5 ब्लॉक अतिदोहित और क्रिटिकल श्रेणी से हटाए गए. साथ ही 34 शहरों के औसत भूजल स्तर में सुधार हुआ. प्रदेश में 27,368 पारंपरिक जल निकायों का पुनरोद्धार किया गया. 17279 अमृत सरोवरों का निर्माण कराया गया.
2 करोड़ से ज्यादा ग्रामीण परिवारों तक पहुंचा नल कनेक्शन
बता दें कि जल जीवन मिशन की हर घर जल योजना के तहत उत्तर प्रदेश 22 अक्टूबर 2024 तक 2 करोड़ 27 लाख 77 हजार 194 ग्रामीण परिवारों तक नल कनेक्शन पहुंचा चुका है, जिससे 13.66 करोड़ ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल मुहैया हो रहा है. इससे पहले हाल ही में राज्य स्वच्छता एवं पेयजल मिशन को इंटरनेशनल ट्रेड शो में बेस्ट डिस्प्ले अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया था.