scorecardresearch
 

जल जीवन मिशन में यूपी का सोलर मॉडल, 30 साल में 1 लाख करोड़ की बचत करेगा प्रदेश

अधिकारियों का दावा है कि सोलर एनर्जी के उपयोग से आने वाले 30 वर्षों में लगभग 1 लाख करोड़ रुपये की बचत होगी. इसके साथ ही हर साल करीब 13 लाख मीट्रिक टन कार्बन डाइऑक्साइड के उत्सर्जन में कमी आएगी, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है.

Advertisement
X
उत्तर प्रदेश में जल जीवन मिशन में सोलर एनर्जी का हो रहा है इस्तेमाल
उत्तर प्रदेश में जल जीवन मिशन में सोलर एनर्जी का हो रहा है इस्तेमाल

उत्तर प्रदेश में जल जीवन मिशन योजना अब सिर्फ पानी उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह बिजली बचत और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक बड़ा उदाहरण बनकर उभरी है. राज्य में इस योजना के तहत सोलर एनर्जी के प्रयोग ने इसे और प्रभावी बना दिया है.

उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है, जिसने जल जीवन मिशन की परियोजनाओं में बड़े पैमाने पर सोलर पावर का इस्तेमाल शुरू किया. वर्तमान में प्रदेश की 80 प्रतिशत से अधिक योजनाएं सौर ऊर्जा के जरिए संचालित हो रही हैं. आंकड़ों के मुताबिक, जल जीवन मिशन के अंतर्गत प्रदेश में कुल 41,539 परियोजनाएं चल रही हैं, जिनमें से 33,157 परियोजनाओं में सोलर एनर्जी का उपयोग किया जा रहा है. इससे रोजाना करीब 900 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है.

Jal Jeevan UP

विभागीय अधिकारियों का दावा है कि सोलर एनर्जी के उपयोग से आने वाले 30 वर्षों में लगभग 1 लाख करोड़ रुपये की बचत होगी. इसके साथ ही हर साल करीब 13 लाख मीट्रिक टन कार्बन डाइऑक्साइड के उत्सर्जन में कमी आएगी, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है.

Advertisement

इस मॉडल को अपनाने के पीछे एक अहम वजह भी रही. स्वच्छ पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक प्रदेश में अक्सर ये देखने को मिलता था कि ज्यादातर योजनाएं इसलिए लंबे समय तक नहीं चल पाती थीं, क्योंकि कुछ दिनों बाद बिजली बिल का पेमेंट नहीं होता था. जिसकी वजह से कनेक्शन कट जाता था और परियोजना का संचालन नहीं हो पाता था.

यही वजह थी कि गांवों के लिए शुरू की इस योजना में सोलर एनर्जी के इस्तेमाल की परिकल्पना की गई. इसके लिए परियोजना स्थल पर सोलर पैनल लगाए गए. इन सोलर पैनल से पैदा होने वाली बिजली का इस्तेमाल मोटर और परियोजना के संचालन में किया गया. जिससे आज बिजली रहे या रहे परियोजना के संचालन में किसी भी तरह का कोई असर नहीं पड़ता है.

Jal Jeevan UP

जल जीवन मिशन में सोलर पावर के इस सफल प्रयोग को केंद्र सरकार ने भी सराहा है. इस नवाचार के लिए नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव को अप्रैल 2025 में प्रधानमंत्री पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है. उत्तर प्रदेश के इस मॉडल की सफलता को देखते हुए अब देश के अन्य राज्य भी इसे अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement